vichhad k tethon eh zindagi ek sazaa lagdi hai
teriyaan yaadan vich jeende jeende
meri maut v hun maithon khafa lagdi hai
ਵਿੱਛੜ ਕੇ ਤੈਥੋੋਂ ਇਹ ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਇਕ ਸਜ਼ਾ ਲਗਦੀ ਆ
ਤੇਰੀਆਂ ਯਾਦਾਂ ਵਿੱਚ ਜੀਂਦੇ ਜੀਂਦੇ
ਮੇਰੀ ਮੌਤ ਵੀ ਹੁਣ ਮੈਥੋਂ ਖਫਾ ਲੱਗਦੀ ਆ
vichhad k tethon eh zindagi ek sazaa lagdi hai
teriyaan yaadan vich jeende jeende
meri maut v hun maithon khafa lagdi hai
ਵਿੱਛੜ ਕੇ ਤੈਥੋੋਂ ਇਹ ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਇਕ ਸਜ਼ਾ ਲਗਦੀ ਆ
ਤੇਰੀਆਂ ਯਾਦਾਂ ਵਿੱਚ ਜੀਂਦੇ ਜੀਂਦੇ
ਮੇਰੀ ਮੌਤ ਵੀ ਹੁਣ ਮੈਥੋਂ ਖਫਾ ਲੱਗਦੀ ਆ
“सोचता हूँ, के कमी रह गई शायद कुछ या
जितना था वो काफी ना था,
नहीं समझ पाया तो समझा दिया होता
या जितना समझ पाया वो काफी ना था,
शिकायत थी तुम्हारी के तुम जताते नहीं
प्यार है तो कभी जमाने को बताते क्यों नहीं,
अरे मुह्हबत की क्या मैं नुमाईश करता
मेरे आँखों में जितना तुम्हें नजर आया,
क्या वो काफी नहीं था I
सोचता हूँ के क्या कमी रह गई,
क्या जितना था वो काफी नहीं था
“सोचता हूँ कभी पन्नों पर उतार लूँ उन्हें I
उनके मुँह से निकले सारे अल्फाजों को याद कर लूँ कभी I
ऐसी क्या मज़बूरी होगी उनकी की हम याद नहीं आते I
सोचता हूँ तोहफा भेज कर अपनी याद दिला दूँ कभी I
सोचता हूँ कभी पन्नों पर उतार लूँ उन्हें I
Rabba Tu Vi Kise Naal Ishq Kita Hovega,
Je Nahi Kita Te Kadi Kari Vi Na,
Asi Taan Marr Ke Tere Kol Aa Javange,
Das Tu Marr Ke Kithe Javenga