
Daag unmein bhi bhut hain Mere dost..
Ese hi nhi unhe mein chaand bolta hoon

बंदिशों से अब कैसे खुदकी करूं हिफाज़त मैं,
सवेरे से है मोहब्बत पर, अंधेरों में रहने कि आदत है…
आफ़त है कि चिराग़ का इल्म कैसे होगा,
पता नहीं जब सवेरा होगा तो क्या होगा…
क्या होगा जो खुदसे कर लूं बगावत मै,
जीत लूं खुदको अगर हार जाऊं तो आफ़त है…
हारने का शोंक नहीं लड़ना अब रास नहीं आता,
सब कहते है मुझे तू हरकतों से बाज़ नहीं आता…
देखो, हरकतों में भी मेरी तहज़ीब और शराफत है,
जीत लेंगे दुनिया भी अगर रब की इजाज़त है… 🙃
Teri har gal ch mera jikar howe
aini mere ch gal baat kithe?
me tere ton tainu jit lawaa
par.. meri aini aukaat kithe?
ਤੇਰੀ ਹਰ ਗੱਲ ਚ ਮੇਰਾ ਜ਼ਿਕਰ ਹੋਵੇ,
ਐਨੀ ਮੇਰੇ ਚ ਗੱਲ ਬਾਤ ਕਿੱਥੇ?
ਮੈਂ ਤੇਰੇ ਤੋਂ ਤੈਨੂੰ ਜਿੱਤ ਲਵਾਂ,
ਪਰ… ਮੇਰੀ ਐਨੀ ਔਕਾਤ ਕਿੱਥੇ?