Kuch rul gye mere to,
kuch geeta’n de saaz likha
Bewafawa da raja mai,
Wafa nl bitayi raat likha
Kuch rul gye mere to,
kuch geeta’n de saaz likha
Bewafawa da raja mai,
Wafa nl bitayi raat likha
Teri nazar de vaar hye
Mere seene to paar hye
Dekha jado vi tera chehra mein
Mohobbat dinda chaad hye
Tere vich aundi oh khushboo
Jo fullan vich vi nhi aundi kamal hye
Hun tere ton milna chahunda mein
Kinne hi beet gye saal hye..
ਤੇਰੀ ਨਜ਼ਰ ਦਾ ਵਾਰ ਹਏ…..
ਮੇਰੇ ਸੀਨੇ ਤੋਂ ਪਾਰ ਹਏ……..
ਦੇਖਾਂ ਜਦੋਂ ਵੀ ਤੇਰਾਂ ਚੇਹਰਾ ਮੈਂ
ਮਹੁੱਬਤ ਦਿੰਦਾ ਚਾੜ੍ਹ ਹਏ….
ਤੇਰੇ ਵਿੱਚ ਆਉਂਦੀ ਉਹ ਖੁਸ਼ਬੂ
ਜੋ ਫੁੱਲਾਂ ਵਿੱਚ ਵੀ ਨਹੀਂ ਆਉਂਦੀ ਕਮਾਲ ਹਏ….
ਹੁਣ ਤੇਰੇ ਤੋਂ ਮਿਲਨਾ ਚਾਹੁਣਾ ਮੈਂ
ਕਿਨੇਂ ਹੀ ਬੀਤ ਗਏ ਸਾਲ ਹਏ….
मंज़िल अभी दूर है, मुसाफिर है बेचैन,
ठोकरें बहुत है राह में,बीत गए वो दिन रैन,
सोचा ना था यूं सौदा करूंगा,
बूंदों सी बारिश में प्यासा चलूंगा,
पसीने से तर है दामन मेरा
कैसे बायां करूं हाल ए दिल अपना के,
कैसे भीगते हैं मेरे नैन,
मंज़िल अभी दूर है, मुसाफिर है बेचैन,
शाम भी बीत गई, सूरज भी ढल गया,
रास्तों पर निकला तो वक्त भी बदल गया,
ठोकरें बहुत खाई अब थोड़ा संभाल गया,
किससे कहूं फिर भी भीगते हैं मेरे नैन,
मंज़िल अभी दूर है, मुसाफिर है बैचेन,
मेरा हिस्सा था जिनमें कुछ लम्हे चुरा लाया हूं,
हर कदम के साथ कुछ करीब आया हूं,
किनारों पर समेटकर कुछ लेहरें लाया हूं,
दो पल ही सही वापस आए वो दिन रैन,
मै ही हूं वो मुसाफिर, मै ही था बेचैन…