HAR LAMHA AAP KE HI QURB MAIN GUZRE HAMARA
WAHAAN YAAD KARE AAP YAHAAN DIL DHDHADHKE HAMARA
ہر لمحہ آپ کے ہی قرب میں گزرے ہمارا
وہاں یاد کرے آپ یہاں دل دھڑکے ہمارا
कल एक झलक ज़िंदगी को देखा,
वो राहों पे मेरी गुनगुना रही थी,
फिर ढूँढा उसे इधर उधर
वो आँख मिचौली कर मुस्कुरा रही थी,
एक अरसे के बाद आया मुझे क़रार,
वो सहला के मुझे सुला रही थी
हम दोनों क्यूँ ख़फ़ा हैं एक दूसरे से
मैं उसे और वो मुझे समझा रही थी,
मैंने पूछ लिया- क्यों इतना दर्द दिया
कमबख्त तूने,
वो हँसी और बोली- मैं जिंदगी हूँ पगले
तुझे जीना सिखा रही थी।
mnane ka hunr
Ya maula muje bhi de de hunar..
Kisiko mnane ka..
Yaar Ruth kr baitha hai apni zid mein aakr..
