Waheguru thoughts || rab || khuda || kabir salok was last modified: March 19th, 2023 by Harshita Mehta (harsh)
Enjoy Every Movement of life!
Suna tha waqt har jakham bhar deta hai magar yaadein purani ho Jane se kahaniya nhi badla karti
सुना था वक़्त हर जख्म भर देता है मगर यादें पुरानी हो जाने से कहानियां नहीं बदला करती
न हम साथ चल प् रहे हैं
न ही हम दूर हो प् रहे हैं
और न ही खवाबो को छोड़ प् रहे हैं
न ही हकीकत में बदल पा रहे है
सबकुछ होते हुए भी
हमारे बीच खाली सा लगता है
न जाने क्यों ये रिस्ता हमारा
बिखड़ा सा लगता है
दोनों एकदूसरे के एकदम अपोजिट हैं
कुछ भी सिमिलर नहीं है तुम्हारे बीच
हम चाहते कुछ और हैं होता कुछ र है
न जाने ये ज़िंदगी कहा ले जा रही है हमे
मैं तुमसे बहुत कुछ कहना चाहती हु
पर कह नहीं प् रही हु
