Waheguru thoughts || rab || khuda || kabir salok was last modified: March 19th, 2023 by Harshita Mehta (harsh)
ज़िन्दगी के लिए इक ख़ास सलीक़ा रखना
अपनी उम्मीद को हर हाल में ज़िन्दा रखना
उसने हर बार अँधेरे में जलाया ख़ुद को
उसकी आदत थी सरे-राह उजाला रखना
आप क्या समझेंगे परवाज़ किसे कहते हैं।
आपका शौक़ है पिंजरे में परिंदा रखना
बंद कमरे में बदल जाओगे इक दिन लोगो
मेरी मानो तो खुला कोई दरीचा रखना
क्या पता राख़ में ज़िन्दा हो कोई चिंगारी
जल्दबाज़ी में कभी पॉव न अपना रखना
वक्त अच्छा हो तो बन जाते हैं साथी लेकिन
वक़्त मुश्किल हो तो बस ख़ुद पे भरोसा रखना
Koi dushman nhi yaar varga
Koi marz nhi pyar varga
Har kise de agge dil nu na froli tu
Kise de bgair tera dil nhi lagda e
Eh kade kise nu na boli tu 😊
ਕੋਈ ਦੁਸ਼ਮਨ ਨਹੀਂ ਯਾਰ ਵਰਗਾ
ਕੋਈ ਮਰਜ਼ ਨਹੀਂ ਪਿਆਰ ਵਰਗਾ
ਹਰ ਕਿਸੇ ਦੇ ਅੱਗੇ ਦਿਲ ਨੂੰ ਨਾ ਫਰੋਲੀ ਤੂੰ
ਕਿਸੇ ਦੇ ਬਗੈਰ ਤੇਰਾ ਦਿਲ ਨਹੀਂ ਲਗਦਾ ਏ
ਇਹ ਕਦੇ ਕਿਸੇ ਨੂੰ ਨਾ ਬੋਲੀ ਤੂੰ😊