# MAI SUNIYA C LOKAN KOLO #
# K WAQAT BADLDA #
#PAR HUN PTA LAGA K #
# WAQAT NAI #
# LOK BADLDE NE #
# MAI SUNIYA C LOKAN KOLO #
# K WAQAT BADLDA #
#PAR HUN PTA LAGA K #
# WAQAT NAI #
# LOK BADLDE NE #
कोई भी जहर को मीठा नहीं बताता है।
कल अपने आप को देखा था माँ की आँखों में
ये आईना हमे बूढ़ा नहीं बताता है।
ए अँधेरे देख ले मुँह तेरा काला हो गया
माँ ने आँखे खोल दी घर में उजाला हो गया।
किस तरह वो मेरे गुनाहो को धो देती है
माँ बहुत गुस्से में होती है तो रो देती है।
बुलंदियों का बड़े से बड़ा नीसान छुआ
उठाया गोद में माँ ने तब आसमान छुआ।
किसी को घर मिला हिस्से में या कोई दुकां आयी
मैं घर में सबसे छोटा था मेरे हिस्से में माँ आयी।
na ishq haar maanata,
aur na hee dil baat maanata,
kyon nahin tum hee maan jaate..
ना इश्क़ हार मानता,
और ना ही दिल बात मानता,
क्यों नहीं तुम ही मान जाते..