# MAI SUNIYA C LOKAN KOLO #
# K WAQAT BADLDA #
#PAR HUN PTA LAGA K #
# WAQAT NAI #
# LOK BADLDE NE #
# MAI SUNIYA C LOKAN KOLO #
# K WAQAT BADLDA #
#PAR HUN PTA LAGA K #
# WAQAT NAI #
# LOK BADLDE NE #
दोनों जहान तेरी मोहब्बत में हार के
वो जा रहा है कोई शब-ए-ग़म गुज़ार के
वीराँ है मैकदा ख़ुम-ओ-साग़र उदास है
तुम क्या गये के रूठ गये दिन बहार के
इक फ़ुर्सत-ए-गुनाह मिली वो भी चार दिन
देखे हैं हमने हौसले परवर-दिगार के
दुनिया ने तेरी याद से बेगाना कर दिया
तुझ से भी दिल फ़रेब हैं ग़म रोज़गार के
भूले से मुस्कुरा तो दिये थे वो आज ‘फ़ैज़’
मत पूछ वलवले दिलए-ना-कर्दाकार के
Tera Saath hai Toh mujhe kya kami hai
Teri har muskan se mili mujhe kushi hai
Muskuraate Rehna isi Tarah humesha
Kyonki teri is muskan mein meri jaan basi hai❤️