Zakham tan nai bharde
waqt naal
par sehna sikh jande ne
lok aksar
waqt naal
ਜਖਮ ਤਾਂ ਨਈਂ ਭਰਦੇ
ਵਕਤ ਨਾਲ
ਪਰ ਸਹਿਣਾ ਸਿੱਖ ਜਾਂਦੇ ਨੇ
ਲੋਕ ਅਕਸਰ
ਵਕਤ ਨਾਲ
Zakham tan nai bharde
waqt naal
par sehna sikh jande ne
lok aksar
waqt naal
ਜਖਮ ਤਾਂ ਨਈਂ ਭਰਦੇ
ਵਕਤ ਨਾਲ
ਪਰ ਸਹਿਣਾ ਸਿੱਖ ਜਾਂਦੇ ਨੇ
ਲੋਕ ਅਕਸਰ
ਵਕਤ ਨਾਲ
Agar Tum Na Hote To Gajal Kaun Kahta,
Tumhare Chehare Ko Kamal Kaun Kahta,
Yeh Karishma Hai Mahobat Ka..
Warna Pathar Ko Taj Mahal Kaun Kehta! ?
अगर तुम न होते तो ग़ज़ल कौन कहता,
तुम्हारे चहरे को कमल कौन कहता
यह तो करिश्मा है मोहब्बत का..
वरना पत्थर को ताज महल कौन कहता। ?
सदा तुम नफरत करते हो ,पर तुमको मुझसे प्यार हैं
मेरा प्रेम हैं हल्का फुल्का , पर ये नफरत तुम पर ही भार हैं |
जो नफरत बन फुट पड़ी हैं , बस वही प्यार का सार हैं
चाहे जितनी शिद्दत कर लो , मुझको यह स्वीकार हैं ,
भैया तुम क्या जानो कितना प्यार मुझसे करते हो
अपने दिल के हाथों तुम , इतना क्यों बेजार हो
तेरे दर पर जब आउंगी क्या दूर खड़े ही पाओगे
निश्चल जड़ बन खड़े रहोगे , आँख में भर ना पाओगे |
मामा कह जब वे दौड़ेंगे ,क्या उन्हें गोद में न ले पाओगे
बच्चों की मुस्कान देख तुम , क्या निष्ठुर रह पाओगे
जब शादी होगी तेरी तो क्या जीजू से द्वेष मनाओगे
बहने करती हैं जो रश्मे ,वो किस्से करवाओगे
कोन करेगा टिका तेरा , हल्दी किससे लगवाओगे
बहन से होगी इतनी नफरत तो, गैरो से खाक निभाओगे
प्यार में ज्यादा शक्ति हैं या नफरत में हैं बताओगे
मैं तुम्हे चुनोती देती हैं , तुम नफरत करके दिखलाओगे
तुम गुस्से को मत शांत करो ,और नफरत मुझेसे करते रहना
स्नेह की अग्नि पावन हैं , तुम ही पिघलोगे ये कहती बहना