Zakham tan nai bharde
waqt naal
par sehna sikh jande ne
lok aksar
waqt naal
ਜਖਮ ਤਾਂ ਨਈਂ ਭਰਦੇ
ਵਕਤ ਨਾਲ
ਪਰ ਸਹਿਣਾ ਸਿੱਖ ਜਾਂਦੇ ਨੇ
ਲੋਕ ਅਕਸਰ
ਵਕਤ ਨਾਲ
Zakham tan nai bharde
waqt naal
par sehna sikh jande ne
lok aksar
waqt naal
ਜਖਮ ਤਾਂ ਨਈਂ ਭਰਦੇ
ਵਕਤ ਨਾਲ
ਪਰ ਸਹਿਣਾ ਸਿੱਖ ਜਾਂਦੇ ਨੇ
ਲੋਕ ਅਕਸਰ
ਵਕਤ ਨਾਲ
“खैरात में मिली जिंदगी की इनायत नहीं किया करते..
किस्मत में ना हो, उसके लिए शिकायत नहीं किया करते..
उसने जिसको जो दिया है, सोच समझकर दिया है..
उसका फैसला सुना करते हैं, उसे हिदायत नहीं दिया करते…”
पाव उठाऊ तो हर कदम पे एक दरिया जकड़ लेता है
गिराकर मुझे हरबार हवाओं से मिलकर अकड़ लेता है,
छोड़ दूं मुठ्ठी भर सपने मैं बुजदिल नही,
मान जाए तन मेरा पर मेरा दिल नहीं,
हर मोड़ पर मुझे ऐसे ही सताएंगे,
गिराकर मुझे खुद मुस्कुराएंगे,
तुम्हारे लिए मैं पहला नहीं हूं,
सुनो,
बहुत हिम्मत है मुझमें मैं अकेला नहीं हूं...