BHULA DO GE GUM SAARE KAR KE GUFTUGU HUM SE
KABHI FURSAT MAIN MUKHTASAR SA WAQT DE KAR TO DEKHIYE
بھلا دو گے غم سارے کر کے گفتگو ہم سے
کبھی فرصت میں مختصر سا وقت دے کر تو دیکھئے
BHULA DO GE GUM SAARE KAR KE GUFTUGU HUM SE
KABHI FURSAT MAIN MUKHTASAR SA WAQT DE KAR TO DEKHIYE
بھلا دو گے غم سارے کر کے گفتگو ہم سے
کبھی فرصت میں مختصر سا وقت دے کر تو دیکھئے
अकेले चले जाते हो
बताते भी नहीं हो
बातें दिल में रखते हो
सुनाते भी नहीं हो
अपने राज छुपाए रखते हो
हमारे जान लेते हो
भीड़ में होकर भी
लापता से रहते हो
जो सवाल पूछो तो
नजरे चुराते हो
स्टेटस भी देखते हो
और देखकार मुस्कुरा भी देते
जाने किस रोज को रुके हो
फोन लगाते भी नहीं हो
हमारा दर्द भी समझते हो
फिर भी नसमझ सा बनते हो
कभी बहुत अपनापन जताते हो
और कभी पराए हो जाते हो
बाला की ख़ूबसूरत हो
पर इतराते नहीं हो
वैसे तो हर लिबास में हसीन हो
पर पीली कुर्ती में बिजलियाँ गिराते हो
मशहूर होकर भी गुमनाम सा रहते हो
ताजगी सुबह की हैं पर मस्तानी शाम सा रहते हो
बांधते हो और फिर खोल देते हो
इन जुल्फों से बड़ा खेलते हो
चेहरे की किताब के अक्षरों में उलझाते हो
अब बोल भी दो दिल की बात क्यों हमारे जख्मों को सहलाते हो
मैं तो सामने से नहीं बोल पाऊंगा
डरता हूं तुम्हारी ना हुई तो नहीं झेल पाऊंगा
अब तुम भी तो कभी कुछ इशारों को समझो
किसी चंचल नांव की तरह लहरें से उलझो
अब जब कभी तुमसे अगली मुलाकात हो
इधर-उधर की नहीं सीधे मुद्दे की बात हो
फिर जो भी फैसला आए हमें मंजुर हो
इकरार हो या ना हो पर अब इजहार तो जरूर हो।
इजहार तो जरूर हो।
इजहार तो जरूर हो।
Lok pagl sanu kehnde ne
Bol ehna de sunne kyu chuniye..!!
Asi dil lutayeya e tere te
Dass hor kise di kyu suniye..!!
ਲੋਕ ਪਾਗ਼ਲ ਸਾਨੂੰ ਕਹਿੰਦੇ ਨੇ
ਬੋਲ ਇਹਨਾਂ ਦੇ ਸੁਣਨੇ ਕਿਉਂ ਚੁਣੀਏ..!!
ਅਸੀਂ ਦਿਲ ਲੁਟਾਇਆ ਏ ਤੇਰੇ ‘ਤੇ
ਦੱਸ ਹੋਰ ਕਿਸੇ ਦੀ ਕਿਉਂ ਸੁਣੀਏ..!!