
but never said it didn’t hurt
Enjoy Every Movement of life!

उसे जाते हुये मैंने रोका बहोत था
ये दिल अपनी सफाई मे चीखा बहोत था ,
जिस शफ मे खड़े थे हम अपनी सच्चाई लेके
उसमे झूठ बिका बहोत था ।
मैं थक गया था अपनी सफाई देके
पर रकीब का फसाना भरी बहोत था ।
……….अजय महायच .
Log tut jate hai ek ghar banane me
Tum taras nahi khate bastiya jalane me
Har dhadkte patthar ko log dil samjhte hai
Umr bit jati hai dil ko dil bnane me
लोग टूट जाते हैं एक घर बनाने में
तुम तरस नहीं खाते बस्तियां जलाने में
हर धड़कते पथर को लोक दिल समझते हैं
उम्र बीत जाती है दिल को दिल बनाने में