
jab wo roothte the to manaya kisne tha..
aj wo kehte hai ki wo bahut bhoobsurat hai..
shayd wo bhool gaye ki bataya kisne tha

ਕੀ ਜਿਉਣਾ ਹੁੰਦਾ ਯਾਰਾਂ ਵੇ
ਜਿੱਥੇ ਨਾਲ ਨੀ ਰੂਹ ਦਾ ਹਾਣੀ ਵੇ
ਤੇਰੇ ਬਿਨ ਯਾਰਾਂ ਇੰਝ ਤੜਫਾ
ਜਿਵੇਂ ਤੜਫੇ ਮੱਛਲੀ ਬਿਨ ਪਾਣੀ ਵੇ
ਤੇਰੇ ਕਰਕੇ ਗੁਰਲਾਲ ਜਿਉਦਾ ਏ
ਨਹੀ ਤਾਂ ਖਤਮ ਪ੍ਰੀਤ ਕਹਾਣੀ ਵੇ
दोस्त वो है जो थाम के रखता है हाथ
परवाह नहीं उसको कौन है तुम्हारे साथ
उसकी आखों में चमक दिखती है
जब होता है तुम्हारे साथ
गुजर जाता है वक़्त मिनटों में
जब करते हैं उससे बात
दोस्त वो हैं जो सामने आ जाये गर
खुद बयाँ हो जाते हैं दिल के हालत
कुछ सोचना नहीं पड़ता
जब होती है उससे बात
दोस्त वो है जो बिन कहे समझ लेता है हर बात
बस हम छिपा नहीं सकते उससे कोई भी राज
कर देता है हैरान तब और भी
जब मरहलों में बन जाता है ढाल
अपने सारे दर्द ग़म भुला कर
साथ हँसता है सारी रात
उसे कुछ भी नहीं चाहिए तुमसे बस
कुछ पल तुम्हारे साथ का है वह मोहताज़
दोस्त वो है जिससे दोस्ती निभानी नहीं पड़ती
जिसे कोई भी बात समझानी नहीं पड़ती
रूठ भी जाए तो भी नहीं करता नज़रन्दाज़
इसलिए ये रिश्ता होता है हर रिश्ते से ख़ास
कभी वो माँ की तरह समझाता है
तो कभी पिता की तरह डांटता है
कभी- कभी बहन बन कर सताता है
तो कभी भाई की तरह रुलाता है
कभी एक आफ़ताब बन होंसला बढ़ाता है
हमें ग़म और खुशियों से परे ले जाता है
जिसके पास है ऐसा दोस्त
वही मुकम्मल है इस जहाँ में
वही है हयात का सरताज