
jab wo roothte the to manaya kisne tha..
aj wo kehte hai ki wo bahut bhoobsurat hai..
shayd wo bhool gaye ki bataya kisne tha

Door reh kar bhi paas the jisake vo kisi aur ke kareeb tha jise samja tha apna kabhi vo khan hamara naseeb tha🍂
दूर रहकर भी पास थे जिसके वो किसी ओर के करीब था जिसे समझा था अपना कभी वो कहां हमारा नसीब था 🍂
जो दोस्त बने थे कभी,वो आज मेरे दुश्मन हैं,
चूड़ियां सारीं उसकी,मेरे नाम के दो कंगन हैं,
उस रहीस के लिए, हर एक मौसम है साबन,
यहां पर,ना ज़मीन,ना घर,ना कोई आंगन है,
तुम्हे है खोफ़,तो डालो कोई,नक़ाब चेहरे पर,
ना दिल तोड़ा, ना लूटा, मेरा बेदाग दामन है,