
jab wo roothte the to manaya kisne tha..
aj wo kehte hai ki wo bahut bhoobsurat hai..
shayd wo bhool gaye ki bataya kisne tha

MASRUFIYAT MAIN JAB YAAD AATE HO KYA KAHOO G GHAZAB KARTE HO
HA LEKIN MASLA YEH TUMHAIN TO BA-AASAANI SAMAJH AAYE GA NAHI
مصروفیت میں جب یاد آتے ہو کیا کہوں جی غضب کرتے ہو
ہاں لیکن مسئلہ یہ تمھیں تو بآسانی سمجھ آئے گا نہیں
सुना है लोग तुझे आँखें भरकर देखते हैं , है मन में क्या उनके ये तो सवाल कर ।
माना लोगों की फितरत अब अच्छी नहीं , अपनी इज्जत का तू तो ज़रा ख्याल कर ।।
बादस्तूर चलती रही नाराजगी जिंदगी में , वक्त बेवक्त काफिर सा न मेरा हाल कर ।
मेरी आदतों में शूमार है तेरी मोहब्बत का सबब , खुदा का शुक्र मना बेवजह न मलाल कर ।।
बागी मिजाज़ रहा दिल का चाहतों के गुबार में , जिससे कभी मोहब्बत थी उससे अब नफरत भी बेमिसाल कर ।
क्या हुआ जो दुआ भी कुबूल न हुई , हासिल कर अपने दर्द को कुछ तो अब बवाल कर ।।