
jaise ki wo mujhe pehchante hi nahi
kitni daffa jakham khaye hain
mere is dil ne
fir bhi hum us bewafa ko bewafa mante hi nahi

Phone kiya mene
Na uthana uski marzi hogi
Thukra diya pehla pyar
Ab shayad hi mohobbat dubara hogi 🥀
फोन किया मैंने
ना उठाना उसकी मर्जी होगी
ठुकरा दिया पहला प्यार
अब शायद ही मोहब्बत दुबारा होगी 🥀
उसकी वो मासूम सी आंखें, कभी-कभी मुझे झूठी सी लगती हैं..
उसकी वो सोच कर बनाई हुई बातें, अक्सर मुझे टूटी सी लगती हैं..
कभी मेरी नाराज़गी पर मुस्कुराती है, कभी प्यार पर रूठी सी लगती है..
कभी उसकी मामूली से हरकत भी मुझे, अनूठी सी लगती है..
कभी उसकी झुकी पलकों में इश्क होता है, कभी उठी सी लगती हैं..
उसके प्यार पर शक नहीं मुझे, फिर भी ना जाने क्यूं, झूठी सी लगती है..
heart rated 💔