वो कहते हैं कि हम बदल गए
कोई उन्हें बताओ,सब आपकी मेहरबानी है|
जब हमें जरूरत थी तब आपने हमें अकेलापन दे दिया||
हमनें आपकी राह पर घंटो नजर टिकाई है|
पर आज शुक्रीया है आपका आपने हमें अपने और परायों का फक्र दिखा दिया||
वो कहते हैं कि हम बदल गए
कोई उन्हें बताओ,सब आपकी मेहरबानी है|
जब हमें जरूरत थी तब आपने हमें अकेलापन दे दिया||
हमनें आपकी राह पर घंटो नजर टिकाई है|
पर आज शुक्रीया है आपका आपने हमें अपने और परायों का फक्र दिखा दिया||
जब तिरछी नजरों से उन्होंने हमको देखा,
तो हम मदहोश हो गए
जब पता लगा उनकी नज़रें ही तिरछी हैं
तो हम बेहोश हो गए।
जिंदगी तुझे जीने की साझीश जारी है
हर लम्हे मे दर्द है और दर्द से अपनी यारी है
कुछ न देके भी भोत कुछ दिया है तूने
एसिलिए तू कही न कही हमको प्यारी है ।
नुकसान भरा नहीं पिछली बरबादी का
फिर एक दफा तुझे सवारने की तयारी है
जिंदगी तुझे ज़ीने की साझीश जारी है ।
हर दिन आके झँझोड़ जाती है तू
जैसे सदियों से तेरी हमपे उधारी है
तू साथ दे या न दे हमारा
लेकिन तुजे जीने की ज़िद्द दिल मे उतारी है
जिंदगी तुझे जीने की साझीश जारी है ।
वक्त का खामोशी से गुजारना ओर धडकनों का यूं शोर मचाना
एह जिंदगी तू ही बता ये कैसी बेकरारी है
लौट आए जो वो पुराने लोग
तो पुछू आखिरी कैसे उन्होने उन्होने जिंदगी गुजारी है
जिंदगी तुझे जीने की साझीश जारी है ।
उम्मीद है तू साथ चलेगी मेरे
खवाबों से भरी हाथ मे मेरे पिटारी है
पूरे हो या न हो ये किस्मत का खेल है
पर जिंदगी तुझे जीने की जंग जारी है ।
……….. अजय कुमार ।