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Woh raaho ka hamsafar || dost shayari

वो खुशियों की डगर, वो राहों में हमसफ़र,
वो साथी था जाना पहचाना,
दिल हैं उसकी यादों का दीवाना
वो साथ था जाना पहचाना

गम तो कई उसने भी देखे,
पर राहों में चले खुशियों को लेके
दिल चाहता हैं हर दम हम साथ चलें,
पर इस राह में कई काले बादल हैं घने
वो साथ था जाना पहचाना

मेरे आसुओं को था जिसने थामा,
मुझसे ज्यादा मुझको पहचाना
चारों तरफ था घनघोर अँधियारा,
बनकर आया था जीवन में उजियारा
वो साथ था जाना पहचाना

गिन-गिन कर तारे भी गिन जाऊ,
पर उसकी यादों को भुला ना पाऊ
कहता था अक्सर हर दिन हैं मस्ताना,
हर राह में खुशियों का तराना
वो साथ था जाना पहचाना

कहता हैं मुझे भूल जाना,
अपनी यादों में ना बसाना
देना चाहूँ हर ख़ुशी उसे,
इसीलिए, मिटाना चाहूँ दिल से
वो साथ था जाना पहचाना

                     तरुण चौधरी

Title: Woh raaho ka hamsafar || dost shayari

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


akhir wahi udaasiyaa || hindi gila shayari

आखिर वही उदासियाँ आखिर वही गिले!
काफ़िर वही उदासियाँ काफ़िर वही गिले!
हमको तुम्हारे इश्क़ ने बख्शे हैं बार बार!
फिर फिर वही उदासियाँ फिर फिर वही गिले!!

हर्ष

Title: akhir wahi udaasiyaa || hindi gila shayari


DUBNA | True Life Shayari Punjabi

True Life Shayari Punjabi | Jehra chadyaa e suraj uhne dubna e jaroor kahda maan karda ve mukna hai tu ek din jaroor

Jehra chadyaa e suraj
uhne dubna e jaroor
kahda maan karda ve
mukna hai tu ek din jaroor