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Woh raaho ka hamsafar || dost shayari

वो खुशियों की डगर, वो राहों में हमसफ़र,
वो साथी था जाना पहचाना,
दिल हैं उसकी यादों का दीवाना
वो साथ था जाना पहचाना

गम तो कई उसने भी देखे,
पर राहों में चले खुशियों को लेके
दिल चाहता हैं हर दम हम साथ चलें,
पर इस राह में कई काले बादल हैं घने
वो साथ था जाना पहचाना

मेरे आसुओं को था जिसने थामा,
मुझसे ज्यादा मुझको पहचाना
चारों तरफ था घनघोर अँधियारा,
बनकर आया था जीवन में उजियारा
वो साथ था जाना पहचाना

गिन-गिन कर तारे भी गिन जाऊ,
पर उसकी यादों को भुला ना पाऊ
कहता था अक्सर हर दिन हैं मस्ताना,
हर राह में खुशियों का तराना
वो साथ था जाना पहचाना

कहता हैं मुझे भूल जाना,
अपनी यादों में ना बसाना
देना चाहूँ हर ख़ुशी उसे,
इसीलिए, मिटाना चाहूँ दिल से
वो साथ था जाना पहचाना

                     तरुण चौधरी

Title: Woh raaho ka hamsafar || dost shayari

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


Nafrat ke daur mein || hindi shayari || love shayari

Tapti huyi zameen hai jaldhaar bant ta hun
Patjhar ke raston par mein bhaar bant ta hun
Ye aag ka dariya hai jeena bhi bhut mushqil
Nafrat ke daur mein bhi mein pyar bant ta hun🙃❤️

तपती हुई ज़मीं है जलधार बाँटता हूँ
पतझर के रास्तों पर मैं बहार बाँटता हूँ
ये आग का दरिया है जीना भी बहुत मुश्क़िल
नफ़रत के दौर में भी मैं प्यार बाँटता हूँ🙃❤️

Title: Nafrat ke daur mein || hindi shayari || love shayari


Andar hi andar mar reha hu || sad shayari

खवाबों का एक दरिया लिए फिर रहा हु

पूरे होंगे एक डिब सब , एसी का इंतज़ार कर रहा हु ,

दिल्ल उदास चहरे पर हसी बरकरार है

जी हाँ , मैं अंदर ही अंदर मर रहा हूँ ।

देख दुनियाँ की तमाम शजीशे

यकीनन जो कर रहा हु सही कर रहा हूँ ।

Title: Andar hi andar mar reha hu || sad shayari