हदें शहर से निकली तो गांव गांव चली
कुछ यादें मेरे संग पांव-पांव चली
सफर में धूप का हुआ तो तजुर्बा हुआ
वो जिंदगी ही क्या जो छांव-छांव चली
Enjoy Every Movement of life!
हदें शहर से निकली तो गांव गांव चली
कुछ यादें मेरे संग पांव-पांव चली
सफर में धूप का हुआ तो तजुर्बा हुआ
वो जिंदगी ही क्या जो छांव-छांव चली
Kanha ji ki murat pyari,
Mohe sabka mann,
Dil me basaya h shri krishna ko,
Vo jaane sav k rang… ❤
TERI SURAT KI AB KYA TARIF KARU ME🤐
ALFAZ HI KHATM HO JATE HAI
TERI ADAYE DEKH KAR HI HUM❣
GHAYAL🤩 SE HO JATE HAI..
तेरी सूरत की अब क्या तारीफ करूँ मैं🤐
अल्फ़ाज़ ही खत्म हो जाते हैं
तेरी अदाएं देख कर ही हम❣
घायल🤩 से हो जाते हैं।।