हदें शहर से निकली तो गांव गांव चली
कुछ यादें मेरे संग पांव-पांव चली
सफर में धूप का हुआ तो तजुर्बा हुआ
वो जिंदगी ही क्या जो छांव-छांव चली
Enjoy Every Movement of life!
हदें शहर से निकली तो गांव गांव चली
कुछ यादें मेरे संग पांव-पांव चली
सफर में धूप का हुआ तो तजुर्बा हुआ
वो जिंदगी ही क्या जो छांव-छांव चली
Zindagi de pal hun kujh aise nikle
ke likh gaye meri pyar kahani
jina marzi me bhulna chawa hun
bhuldi ni oh marjani
ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਦੇ ਪਲ ਕੁਝ ਐਸੇ ਨਿਕਲੇ
ਕਿ ਲਿਖ ਗਏ ਮੇਰੀ ਪਿਆਰ ਕਹਾਣੀ
ਜਿੰਨ੍ਹਾ ਮਰਜ਼ੀ ਮੈਂ ਭੁਲਣਾ ਚਾਵਾਂ ਹੁਣ
ਭੁਲਦੀ ਨਾ ਉਹ ਮਰਜਾਣੀ
