हदें शहर से निकली तो गांव गांव चली
कुछ यादें मेरे संग पांव-पांव चली
सफर में धूप का हुआ तो तजुर्बा हुआ
वो जिंदगी ही क्या जो छांव-छांव चली
Enjoy Every Movement of life!
हदें शहर से निकली तो गांव गांव चली
कुछ यादें मेरे संग पांव-पांव चली
सफर में धूप का हुआ तो तजुर्बा हुआ
वो जिंदगी ही क्या जो छांव-छांव चली

ਬਿਤਿਆ ਕਲ ਆਜ ਤੇ ਹਾਵੀ
ਦਿਲ ਦੀ ਗੱਲ ਕਿਸੇ ਨੂੰ ਨਾ ਬਤਾਵੀ
ਸੱਪਾਂ ਤੋਂ ਜ਼ਿਆਦਾ ਜੇਹਰ ਲੋਕਾਂ ਚ
ਏਣਾ ਤੋਂ ਹਰ ਰਾਜ ਲੁਕਾਵੀ
Beetiya kal aaj te havi
Dil di gall kise nu na batavi
Sapa to jiyada jehar loka ch
Ena to har raaj lukavi
—ਗੁਰੂ ਗਾਬਾ