हदें शहर से निकली तो गांव गांव चली
कुछ यादें मेरे संग पांव-पांव चली
सफर में धूप का हुआ तो तजुर्बा हुआ
वो जिंदगी ही क्या जो छांव-छांव चली
Enjoy Every Movement of life!
हदें शहर से निकली तो गांव गांव चली
कुछ यादें मेरे संग पांव-पांव चली
सफर में धूप का हुआ तो तजुर्बा हुआ
वो जिंदगी ही क्या जो छांव-छांव चली
तेरी मोहब्बत ने हमे बेनाम कर दिया,
हर ख़ुशी से हमे अंजान कर दिया,
हमने तो नही चाहा था हमे भी मोहब्बत हो,
लेकिन तेरी पहली नज़र ने मुझे नीलाम कर दिया।
Ye rang ,ye jaat ,ye nasal
Ye sb tumhare masle hai
Meri maa to mujhe roz chumti hai❤
ये रंग, ये जात, ये नस्ल
ये सब तुम्हारे मसले है
मेरी माँ तो मुझे रोज़ चूमती है❤