हदें शहर से निकली तो गांव गांव चली
कुछ यादें मेरे संग पांव-पांव चली
सफर में धूप का हुआ तो तजुर्बा हुआ
वो जिंदगी ही क्या जो छांव-छांव चली
Enjoy Every Movement of life!
हदें शहर से निकली तो गांव गांव चली
कुछ यादें मेरे संग पांव-पांव चली
सफर में धूप का हुआ तो तजुर्बा हुआ
वो जिंदगी ही क्या जो छांव-छांव चली
Sacha pyar karna hai taa apne maa baap nu karo
ohna de pyar vich koi bewafai nahi hundi
ਸੱਚਾ ਪਿਆਰ ਕਰਨਾ ਹੈ ਤਾਂ ਆਪਣੇ ਮਾਂ ਬਾਪ ਨੂੰ ਕਰੋ
ਉਹਨੇ ਦੇ ਪਿਆਰ ਵਿਚ ਕੋਈ ਬੇਵਫਾਈ ਨਹੀ ਹੁੰਦੀ ।?
