हदें शहर से निकली तो गांव गांव चली
कुछ यादें मेरे संग पांव-पांव चली
सफर में धूप का हुआ तो तजुर्बा हुआ
वो जिंदगी ही क्या जो छांव-छांव चली
हदें शहर से निकली तो गांव गांव चली
कुछ यादें मेरे संग पांव-पांव चली
सफर में धूप का हुआ तो तजुर्बा हुआ
वो जिंदगी ही क्या जो छांव-छांव चली
ਕੀ ਜਿਉਣਾ ਹੁੰਦਾ ਯਾਰਾਂ ਵੇ
ਜਿੱਥੇ ਨਾਲ ਨੀ ਰੂਹ ਦਾ ਹਾਣੀ ਵੇ
ਤੇਰੇ ਬਿਨ ਯਾਰਾਂ ਇੰਝ ਤੜਫਾ
ਜਿਵੇਂ ਤੜਫੇ ਮੱਛਲੀ ਬਿਨ ਪਾਣੀ ਵੇ
ਤੇਰੇ ਕਰਕੇ ਗੁਰਲਾਲ ਜਿਉਦਾ ਏ
ਨਹੀ ਤਾਂ ਖਤਮ ਪ੍ਰੀਤ ਕਹਾਣੀ ਵੇ
Thaam loon tera hath is kadar ki sansein juda na ho 🥰
Mohobbat ho charo taraf aur koi khuda na ho 😍
Lakeere tere naam ki mere hathon mein ho ya na ho 😊
Rahe jism bhi alag par rooh juda na ho… ❤
थाम लूं तेरा हाथ इस क़दर की सांसे जुदा न हो, 🥰
मोहब्बत हो चारों तरफ और कोई ख़ुदा न हो, 😍
लकीरें तेरे नाम की मेरे हाथों में हो या न हो,😊
रहे जिस्म भी अलग पर रूह जुदा न हो…❤