हदें शहर से निकली तो गांव गांव चली
कुछ यादें मेरे संग पांव-पांव चली
सफर में धूप का हुआ तो तजुर्बा हुआ
वो जिंदगी ही क्या जो छांव-छांव चली
Enjoy Every Movement of life!
हदें शहर से निकली तो गांव गांव चली
कुछ यादें मेरे संग पांव-पांव चली
सफर में धूप का हुआ तो तजुर्बा हुआ
वो जिंदगी ही क्या जो छांव-छांव चली
kujh rishte eo muk jande ne
jive rukh nu lage kujh pate suk jande ne
ਕੁਝ ਰਿਸ਼ਤੇ ਇਓ ਮੁੱਕ ਜਾਂਦੇ ਨੇ..
ਜਿਵੇ ਰੁੱਖ ਨੂੰ ਲੱਗੇ ਕੁਝ ਪੱਤੇ ਸੁੱਕ ਜਾਂਦੇ ਨੇ..
Kita ishq te aakhir me badnaam hi hoi aa
dil te laggi satt te ohde lai moyi aa
ਕੀਤਾ ਇਸ਼ਕ ਤੇ ਆਖਿਰ ਮੈਂ ਬਦਨਾਮ ਹੀ ਹੋਈ ਆ
ਦਿਲ ਤੇ ਲੱਗੀ ਸੱਟ ਤੇ ਉਹਦੇ ਲੲੀ ਮੋਈ ਆ