हदें शहर से निकली तो गांव गांव चली
कुछ यादें मेरे संग पांव-पांव चली
सफर में धूप का हुआ तो तजुर्बा हुआ
वो जिंदगी ही क्या जो छांव-छांव चली
Enjoy Every Movement of life!
हदें शहर से निकली तो गांव गांव चली
कुछ यादें मेरे संग पांव-पांव चली
सफर में धूप का हुआ तो तजुर्बा हुआ
वो जिंदगी ही क्या जो छांव-छांव चली
सच्चे दोस्त कभी गिरने नहीं देते,
न किसी की नजरों में,
न किसी के कदमों में !❣️

Na main tainu khona chahunda haan
na hi teriyaan yaadan vich rauna chahunda haan
jadon tak eh zindagi hai
bas tere naal rehna chahunda haan