हदें शहर से निकली तो गांव गांव चली
कुछ यादें मेरे संग पांव-पांव चली
सफर में धूप का हुआ तो तजुर्बा हुआ
वो जिंदगी ही क्या जो छांव-छांव चली
Enjoy Every Movement of life!
हदें शहर से निकली तो गांव गांव चली
कुछ यादें मेरे संग पांव-पांव चली
सफर में धूप का हुआ तो तजुर्बा हुआ
वो जिंदगी ही क्या जो छांव-छांव चली
Suno…
Tumhaare shaher ki raat ka… Tanhaa sitaara hoon…
Mujhe bujhaa kar… Sar-e-shaam kya jalaawongi…
Jaana…
Kya kahaa…? Aapko bhi shayri pasand he meri…?
Agar ho gayaa ishq… To kahaan jaawongi…?
ਤੇਰਾ ਸਹਾਰਾ,
ਤੇਰਾ ਦੀਵਾਨਾ,
ਰੱਖ ਤੂੰ ਨੇੜੇ,
ਨਾ ਕਰੀ ਬੇਗਾਨਾ,
ਤੈਨੂੰ ਜਦ ਤਕਾ,
ਫੇਰ ਚਪਕਾ ਨਾ ਅੱਖਾਂ,
ਮੇਰੀ ਆ ਤੂੰ,
ਬੇਗਾਨੀ ਨਾ ਤਕਾ,
ਸਾਹਾ ਦੇ ਨੇੜੇ,
ਰਹਿਣੀ ਤੂੰ ਮੇਰੇ,
ਬੁੱਲ੍ਹਿਆ ਤੇ ਗੁੱਸਾ,
ਫ਼ਿਕਰ ਆਖਿਆ ਚ ਤੇਰੇ,http://