हदें शहर से निकली तो गांव गांव चली
कुछ यादें मेरे संग पांव-पांव चली
सफर में धूप का हुआ तो तजुर्बा हुआ
वो जिंदगी ही क्या जो छांव-छांव चली
Enjoy Every Movement of life!
हदें शहर से निकली तो गांव गांव चली
कुछ यादें मेरे संग पांव-पांव चली
सफर में धूप का हुआ तो तजुर्बा हुआ
वो जिंदगी ही क्या जो छांव-छांव चली
Aje taa meri zindagi ch koi khaas nahi
par kise khaas di aun di aas jarror aa
ਅਜੇ ਤਾਂ ਮੇਰੀ ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਚ ਕੋਈ ਖਾਸ ਨਹੀ💞…
ਪਰ ਕਿਸੇ ਖਾਸ ਦੀ ਆਉਣ ਦੀ ਆਸ ਜਰੂਰ ਆ❤️..
चल दिया तेरे साथ, मेरा तख्त ओ ताज छूट गया,
वो रात के इंतजार में थे, सूरज फिर ऊग गया,
दर्द देते है रास्ते भी, दिल न लगाना उनसे,
रोज़ अपना दुख पीते पीते ये गला सूख गया,
सांसे भी नम है,
प्यास बुझालो क्यू आंखो में समंदर छुपा बैठे हो,
तुम भी धड़कनों का जनाजा कांधे पर लिए बैठे हो...