हदें शहर से निकली तो गांव गांव चली
कुछ यादें मेरे संग पांव-पांव चली
सफर में धूप का हुआ तो तजुर्बा हुआ
वो जिंदगी ही क्या जो छांव-छांव चली
हदें शहर से निकली तो गांव गांव चली
कुछ यादें मेरे संग पांव-पांव चली
सफर में धूप का हुआ तो तजुर्बा हुआ
वो जिंदगी ही क्या जो छांव-छांव चली
Gusa inna k tera naa lain nu v dil nai karda
pyaar inna ke tainu har saah naal yaad kite bina v ni sarda
ਗੁੱਸਾ ਇੰਨਾ ਕਿ ਤੇਰਾ ਨਾਂ ਲੈਣ ਨੂੰ ਵੀ ਦਿਲ ਨੀਂ ਕਰਦਾ
ਪਿਆਰ ਇੰਨਾ ਕਿ ਤੈਨੂੰ ਹਰ ਸਾਹ ਨਾਲ ਯਾਦ ਕੀਤੇ ਬਿੰਨਾ ਵੀ ਨੀ ਸਰਦਾ