Skip to content

Woh zindagi hi kya || motivation

हदें शहर से निकली  तो गांव गांव चली
कुछ यादें मेरे संग पांव-पांव चली
सफर में धूप का हुआ तो तजुर्बा हुआ
वो जिंदगी ही क्या जो छांव-छांव चली

Title: Woh zindagi hi kya || motivation

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


Kya sitam hai || hindi poetry

वो भी हमको मिल गया है क्या सितम है,
ग़म ही ग़म है क्या ही क्या है क्या सितम है।

देख ले इक मर्तबा तेरी तरफ़ जो,
रात दिन मांगे दुआ है क्या सितम है।

ज़िंदगी मेरी कहीं बस बीत जाए
बे वफ़ा तो हो गया है क्या सितम है।

इश्क़ तेरा अब जहर सा हो गया है,
वो जहर ही अब दवा है क्या सितम है।

आज कल घर से निकलते ही नहीं हो,
यार तुमको क्या हुआ है क्या सितम है।

Title: Kya sitam hai || hindi poetry


DHOKA dena fitrat shayari