yaad naa kari mainu
me changa insaan nahi haa
kyuki me taa tere lai
apne aap nu bhulaai baitha haa
ਯਾਦ ਨਾਂ ਕਰੀਂ ਮੈਨੂੰ
ਮੈਂ ਚੰਗਾ ਇਨਸਾਨ ਨਹੀਂ ਹਾਂ
ਕਿਓਕਿ ਮੈਂ ਤਾਂ ਤੇਰੇ ਲਈ
ਅਪਣੇ ਆਪ ਨੂੰ ਭੁਲਾਈ ਬੈਠਾ ਹਾਂ
—ਗੁਰੂ ਗਾਬਾ 🌷
yaad naa kari mainu
me changa insaan nahi haa
kyuki me taa tere lai
apne aap nu bhulaai baitha haa
ਯਾਦ ਨਾਂ ਕਰੀਂ ਮੈਨੂੰ
ਮੈਂ ਚੰਗਾ ਇਨਸਾਨ ਨਹੀਂ ਹਾਂ
ਕਿਓਕਿ ਮੈਂ ਤਾਂ ਤੇਰੇ ਲਈ
ਅਪਣੇ ਆਪ ਨੂੰ ਭੁਲਾਈ ਬੈਠਾ ਹਾਂ
—ਗੁਰੂ ਗਾਬਾ 🌷
वो मेरे चर्चे गुफ्तगू के बहाने से सबसे करते हैं,
ये जान के भी हम इस बात से हर पल मरते हैं,
जिन अपनो को के लिए सीने में मोहब्बत थी,
उनके अब हम पास गुजरने से भी बहुत डरते हैं,
मुझे कैद करके कितना जीने दे सकोगे तुम भला,
देखो कितनी शिद्दत से हम मौत की दुआ पढ़ते हैं,
मेरी जान को गुनाहों से तौल कर क्या पा लोगे,
मेरे हर्फ़ के वजन से गुनाह अक्सर बदलते हैं ,
उर्दू का कोई शायर होता मैं लफ्ज़ संभाल लेता,
गोया अगर होते तो लफ्ज़ न गिरते, न इतना संभलते।
ना मंजिल रही ना रास्ता रहा
ये कैसी उलझन में डाल दिया
ना मिल पा रहे है ना दूर जा रहे है
ये कैसे वहम में हमको डाल दिया