Bhul ja hun mainu tu bhawe yaad rakh
painge bhulekhe tainu
yaad rakh
ਭੁੱਲ ਜਾ ਹੁਣ ਮੈਨੂੰ ਤੂੰ ਭਾਂਵੇ ਯਾਦ ਰੱਖ
ਪੈਣਗੇ ਭੁਲੇਖੇ ਤੈਨੂੰ
ਯਾਦ ਰੱਖ
Bhul ja hun mainu tu bhawe yaad rakh
painge bhulekhe tainu
yaad rakh
ਭੁੱਲ ਜਾ ਹੁਣ ਮੈਨੂੰ ਤੂੰ ਭਾਂਵੇ ਯਾਦ ਰੱਖ
ਪੈਣਗੇ ਭੁਲੇਖੇ ਤੈਨੂੰ
ਯਾਦ ਰੱਖ
गजल (बे बहर)
जाने क्या हो गया है कैसी इम्तिहान की घड़ी है,
एक आशिक पे ये कैसी सजा आन पड़ी है!
आस भी क्या लगाएं अबकी होली पे हम उनसे,
दुनिया की ये खोखली रस्में तलवार लिए खड़ी है!
मैंने देखें हैं गेसुओं के हंसते रुखसार पे लाली
मगर हमारे चेहरे पे फिर आंसुओं की लड़ी है!
दर्द है, हिज्र है,और धुंधली सी तस्वीर का साया भी
तुम महलों में रहते हो तुमको हमारी क्यों पड़ी है !!
कैसे मुकर जाऊं मैं खुद से किए वादों से अभी,
अब मेरे हाथों में ज़िम्मेदारियों की हथकड़ी है!
तुमको को प्यार है दौलत ए जहां से अच्छा है,
मगर इस जहान में मेरे लिए मां सबसे बड़ी है !!
“If you want success in your life, don’t lose your hope.. stand up and achieve your goals”
“IF YOU FELL DOWN YESTERDAY, SO STAND UP TODAY ITSELF”