
Kol ho ke v ajh kal kaun ik dujhe nu puchhda
gal sade lai inni hi bahut aa ke
door ho ke v oh saanu yaad rakhe

Kol ho ke v ajh kal kaun ik dujhe nu puchhda
gal sade lai inni hi bahut aa ke
door ho ke v oh saanu yaad rakhe
Asi ki laina is duniyaa ton
jad saaddi duniyaa hi tu e
ਅਸੀਂ ਕੀ ਲੈਣਾ ਇਸ ਦੁਨੀਆਂ ਤੋਂ;
ਜਦ ਸਾਡੀ ਦੁਨੀਆਂ ਹੀ ਤੂੰ ਏ..
आओ सुनाओ अपने जीवन की कथा
नाम है पेड़ दूर करता हूं सब की व्यथा
कितना विशाल कितना घना हूं
फल और फूलों से लदा हूं
मेरी ही छाया में आकर
तुम अपनी थकान मिटाते हो
मीठे फल और सुंदर फूल
तुम मुझसे ही ले जाते हो
दूषित हवा तुम मुझको देकर
खुद प्राणवायु मुझसे पाते हो
अपने ही जीवन के आधार पर
तुम कुल्हाड़ी जब बरसाते हो
मुझसे ही मेरा सब कुछ लेकर
तुम दर्द मुझे दे जाते हो
देता हूं बारिश का पानी
हरियाली मुझसे पाते हो
करता हूं इतने उपकार
फिर भी सहता तुम्हारे अत्याचार