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oh door reh nai saki yaad shayari

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Bhawe dil de ambar vich oh simat ke reh na saki
par meriyaan yaadan ton
oh door reh na saki

Title: oh door reh nai saki yaad shayari

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


मंजिल अभी दूर है || hindi shayari || manzil shayari

मंज़िल अभी दूर है, मुसाफिर है बेचैन,
ठोकरें बहुत है राह में,बीत गए वो दिन रैन,
सोचा ना था यूं सौदा करूंगा,
बूंदों सी बारिश में प्यासा चलूंगा,
पसीने से तर है दामन मेरा
कैसे बायां करूं हाल ए दिल अपना के,
कैसे भीगते हैं मेरे नैन,
मंज़िल अभी दूर है, मुसाफिर है बेचैन,

शाम भी बीत गई, सूरज भी ढल गया,
रास्तों पर निकला तो वक्त भी बदल गया,
ठोकरें बहुत खाई अब थोड़ा संभाल गया,
किससे कहूं फिर भी भीगते हैं मेरे नैन,
मंज़िल अभी दूर है, मुसाफिर है बैचेन,

मेरा हिस्सा था जिनमें कुछ लम्हे चुरा लाया हूं,
हर कदम के साथ कुछ करीब आया हूं,
किनारों पर समेटकर कुछ लेहरें लाया हूं,
दो पल ही सही वापस आए वो दिन रैन,
मै ही हूं वो मुसाफिर, मै ही था बेचैन…  

Title: मंजिल अभी दूर है || hindi shayari || manzil shayari


Love shayari || dhadkan shayari || Hindi shayari

अपनी यादों में मुझे कभी यूं ही ढूंढ़ लेना तुम,
ना मिलूं तो धड़कनों से मेरा पता पूछ लेना तुम,

रहूंगी मौजूद इन हवाओं में हमेशा, फिर भी,
ना दिखूं तो इन्हें अपनी सांसों से छू लेना तुम…