Bhawe dil de ambar vich oh simat ke reh na saki
par meriyaan yaadan ton
oh door reh na saki
Bhawe dil de ambar vich oh simat ke reh na saki
par meriyaan yaadan ton
oh door reh na saki
ऐ दोस्त तू मेरी धड़कन में बसा है
तेरी यारी से ही मैंने
लाइफ को पहचाना है.!!
वो बचपन के खेल बड़े ही सुहाने होते है
जब सच्चे यार ही अपने दीवाने होते है.!!
ए दोस्त तू इस जग में सबसे प्यारा है
तेरी दोस्ती से ही मेरी
जिंदगी में उजियारा है.!!
जो बर्बाद ना कर दे वो शौक कैसा
जो बर्बाद होकर भी
साथ ना दे वो दोस्त कैसा..!!
ये मेरे दिल का किस्सा
भी बड़ा अजीब है जो
दोस्त दिल के सबसे
करीब है वही हमसे दूर है..!
इतने जख्म भी अच्छे नहीं
हम भी अब बच्चे नही
कितना सहे एक पागल आदमी भला
हम झूठे तो तुम भी सच्चे नही