मेरे हिस्से आई अब तक कोई सुबह या शाम नही!
मैं उसकी दीवाना हूँ और एक पल को आराम नही!
सुबह सवाली बन जाती है रात डराती है मुझकों!
याद उसे करती हूँ केवल और मुझे कुछ काम नही!!
हर्ष ✍️
मेरे हिस्से आई अब तक कोई सुबह या शाम नही!
मैं उसकी दीवाना हूँ और एक पल को आराम नही!
सुबह सवाली बन जाती है रात डराती है मुझकों!
याद उसे करती हूँ केवल और मुझे कुछ काम नही!!
हर्ष ✍️
Ajj kal libreria to wadh beauty parlour han
kyuki akalaa naalo vadh shaklaa da mul hai
ਅੱਜ ਕੱਲ ਲਾਇਬ੍ਰੇਰੀਆਂ ਤੋਂ ਵੱਧ ਬਿਊਟੀ ਪਾਰਲਰ ਹਨ
ਕਿਉਂਕੀ ਅਕਲਾਂ ਨਾਲੋਂ ਵੱਧ ਸ਼ਕਲਾਂ ਦਾ ਮੁੱਲ ਹੈ
मेरी एक गली,उसकी गली से जुड़ी है
मेरे पाव नहीं मुड़े, यही सड़क मुड़ी है
मैं मुस्कुराकर,बोल पड़ा इन दोस्तों से
देखो मेरी ज़न्नत, खिड़की पर खड़ी है
उतने ऊपर, मेरा खुदा भी नहीं दोस्त
उनकी कलाई पे जितनी,चूड़ी चड़ी है
मेरे पूरे हुज़रे पर, साया करती है वो
शहर में उनकी बिल्डिंग इतनी बड़ी है