मेरे हिस्से आई अब तक कोई सुबह या शाम नही!
मैं उसकी दीवाना हूँ और एक पल को आराम नही!
सुबह सवाली बन जाती है रात डराती है मुझकों!
याद उसे करती हूँ केवल और मुझे कुछ काम नही!!
हर्ष ✍️
मेरे हिस्से आई अब तक कोई सुबह या शाम नही!
मैं उसकी दीवाना हूँ और एक पल को आराम नही!
सुबह सवाली बन जाती है रात डराती है मुझकों!
याद उसे करती हूँ केवल और मुझे कुछ काम नही!!
हर्ष ✍️

Kisi ne koshish bhi naa ki , sab kehte rahe is me akad bahut hai …
Nazron mein kaid hai mere kuch haseen sapne
Mein ankhein band kar lu to duniya mujhe tanha karaar deti hai
Agar hawayon ko choo lun ti mere par kaat deti hai
Sapne dekhna to aadat hai meri
Bas yahi ek khushi hai jo mera gam bant deti hai…
नजरों में कैद हैं मेरे कुछ हसीन सपने…
मै आँखे बंद कर लूं तो दुनिया मुझे तनहा करार देती है,
अगर हवाओं को छू लूं तो मेरे पर काट देती है,
सपने देखना तो आदत है मेरी,
बस यही एक खुशी है जो मेरा गम बांट देती है…