मेरे हिस्से आई अब तक कोई सुबह या शाम नही!
मैं उसकी दीवाना हूँ और एक पल को आराम नही!
सुबह सवाली बन जाती है रात डराती है मुझकों!
याद उसे करती हूँ केवल और मुझे कुछ काम नही!!
हर्ष ✍️
Enjoy Every Movement of life!
मेरे हिस्से आई अब तक कोई सुबह या शाम नही!
मैं उसकी दीवाना हूँ और एक पल को आराम नही!
सुबह सवाली बन जाती है रात डराती है मुझकों!
याद उसे करती हूँ केवल और मुझे कुछ काम नही!!
हर्ष ✍️
Maare ghar walo ko prem kahani sirf
fimo aur serialo me ashi laghti hai
unhe kabhi manzoor nahi hai
ki unke bachhe kisi se pyar kare
मारे घर वालो को प्रेम कहानी सिर्फ
फिल्मों और सीरियल में अच्छी लगती हैं ,
उन्हें कभी मंजूर नहीं हे
की उनके बच्चे किसी से प्रेम करे…।।🥀
Koi ibadat ki chah mein roya,
Koi ibadat ki rah mein roya
Ajab h namaz-e- muhabbat ka silsila,
Koi qaza kr k roya, koi adaa kr k roya….🖤