मेरे हिस्से आई अब तक कोई सुबह या शाम नही!
मैं उसकी दीवाना हूँ और एक पल को आराम नही!
सुबह सवाली बन जाती है रात डराती है मुझकों!
याद उसे करती हूँ केवल और मुझे कुछ काम नही!!
हर्ष ✍️
मेरे हिस्से आई अब तक कोई सुबह या शाम नही!
मैं उसकी दीवाना हूँ और एक पल को आराम नही!
सुबह सवाली बन जाती है रात डराती है मुझकों!
याद उसे करती हूँ केवल और मुझे कुछ काम नही!!
हर्ष ✍️
Jab khuda ne MAA ka astitva bnaya uska ek ek jaadoo kisi aur ne churaya mohabbat, hifajat, barkat jo khuda ka kaam tha ye sab bhi ab maa ka duja naam tha dekhte hi dekhte koi aur parvardigaar hogyaa Maa ko bna kar KHUDA berojgaar hogya……
जब खुदा ने मां का अस्तित्व बनाया उसका एक एक जादू किसी ओर ने चुराया मोहब्बत हिफाज़त बरकत जो खुदा का काम था ये सब भी अब मां का दूजा नाम था देखते ही देखते कोई और परवरदिगार हो गया ”मां” को बना कर खुदा बेरोजगार हो गया….
Nazron mein kaid hai mere kuch haseen sapne
Mein ankhein band kar lu to duniya mujhe tanha karaar deti hai
Agar hawayon ko choo lun ti mere par kaat deti hai
Sapne dekhna to aadat hai meri
Bas yahi ek khushi hai jo mera gam bant deti hai…
नजरों में कैद हैं मेरे कुछ हसीन सपने…
मै आँखे बंद कर लूं तो दुनिया मुझे तनहा करार देती है,
अगर हवाओं को छू लूं तो मेरे पर काट देती है,
सपने देखना तो आदत है मेरी,
बस यही एक खुशी है जो मेरा गम बांट देती है…