मेरे हिस्से आई अब तक कोई सुबह या शाम नही!
मैं उसकी दीवाना हूँ और एक पल को आराम नही!
सुबह सवाली बन जाती है रात डराती है मुझकों!
याद उसे करती हूँ केवल और मुझे कुछ काम नही!!
हर्ष ✍️
Enjoy Every Movement of life!
मेरे हिस्से आई अब तक कोई सुबह या शाम नही!
मैं उसकी दीवाना हूँ और एक पल को आराम नही!
सुबह सवाली बन जाती है रात डराती है मुझकों!
याद उसे करती हूँ केवल और मुझे कुछ काम नही!!
हर्ष ✍️

Tere gmaan nu lpett me
apni zindagi ch utaar lawa
mulakaat ik fir howe injh
ke ik mulakaat ch me poori zindagi guzaar lawaan
में तोड़ लेता अगर तू गुलाब होती
में जवाब बनता अगर तू सवाल होती
सब जानते है में नशा नहीं करता
मगर में पी लेता अगर तू शराब होती
Mein tod leta agar tu Gulab hoti
Mein jabaab deta agar tu Sawal hoti
Sab jante hai mein Nasha nahi karta
Magar mein pii leta agar tu Sharab hoti…