याद उसकी आती हमें,
उसे खबर नहीं मगर।
याद उसकी आती हमें,
वो नसीब में नहीं मगर।
याद उसको करते करते,
मर जायेंगे एक दिन यूंही,
बदनसीब इस दिल का क्या कीजिए,
याद उसकी आती हमें,
उसे बता सकते नहीं मगर।
याद उसकी आती हमें,
उसे खबर नहीं मगर।
याद उसकी आती हमें,
वो नसीब में नहीं मगर।
याद उसको करते करते,
मर जायेंगे एक दिन यूंही,
बदनसीब इस दिल का क्या कीजिए,
याद उसकी आती हमें,
उसे बता सकते नहीं मगर।
चाल अभी धीमी है,
पर कदम जाएंगे मंजिल तक जरूर।
हालात अभी उलझे हैं,
पर बदलेंगे मौसम,बिखरेगा हरसू नूर।
हौसलों की कमी नहीं,
क़्त भले ना हो ज्यादा।
शह मात की खेल है जिंदगी,
मंजिल को पाने की, हम रखते हैं माआदा।
पलकें मूंद जाती हैं झंझावतों से,
रास्ते छुप जाते हैं काले बदली की छाँव में।
गुजरना ही होगा अंधियारे सूने गलियारों से,
आशियाना हो चाहे गांव या शहर में।
लक्ष्य जो बुन लिया है विश्वास के तागों से,
अब रुकना नहीं, न झुकना कहीं तुम सफर में ।
डगर ने चुन लिया है तुम्हें साहस के पदचिन्हों से,
धैर्य,सहनशीलता और जीत, होंगे सहचर तुम्हारे सहर में।।
तरुण चौधरी
Mathe ki bindi me tera naam hoga
mere kanna di baaliyaa R aur I honge
mere galle me Y aur A ka haar hoga
aur mere mathe ka teeka z hoga
mere dil me riyaaz tere lai
pyaar nahi par zindagi me intezaar hoga
ਮੱਥਾ🌝 ਕਿ ਬਿੰਦੀ 🎎ਮੇ ਤੇਰਾ🤫 ਨਾਮ ਹੋਗਾ ,
ਮੇਰੈ 😍ਕੰਨਾਂ ਦੀ baliyan R ਓਰ I ਹੋਂਗੇ,
ਮੇਰੈ gahle ਮੇ Y ਓਰ A ਕਾ ਹਾਰ ਹੋਗਾ
ਉਰ ਮੇਰੈ ਮੱਥਾ ਕਾ ਟੀਕਾ Z ਹੋਗਾ,
ਮੇਰੈ dil ਮੇ ਰਿਆਜ਼ ਤੇਰਾ
ਲਈ ਪਿਆਰ ਨਹੀਂ ਪਰ ਮੇਰੀ ਜਿੰਦਗੀ ਮੇ intezar ਹੋਗਾ