Menu taan tere naal ajj vi bhut mohobbat e
Par tenu pata nhi mein yaad vi haan ja nahi..!!
ਮੈਨੂੰ ਤਾਂ ਤੇਰੇ ਨਾਲ ਅੱਜ ਵੀ ਬਹੁਤ ਮੋਹੁੱਬਤ ਏ
ਪਰ ਤੈਨੂੰ ਪਤਾ ਨਹੀਂ ਮੈਂ ਯਾਦ ਵੀ ਹਾਂ ਜਾਂ ਨਹੀਂ..!!
Menu taan tere naal ajj vi bhut mohobbat e
Par tenu pata nhi mein yaad vi haan ja nahi..!!
ਮੈਨੂੰ ਤਾਂ ਤੇਰੇ ਨਾਲ ਅੱਜ ਵੀ ਬਹੁਤ ਮੋਹੁੱਬਤ ਏ
ਪਰ ਤੈਨੂੰ ਪਤਾ ਨਹੀਂ ਮੈਂ ਯਾਦ ਵੀ ਹਾਂ ਜਾਂ ਨਹੀਂ..!!
चलो किसी पुराने दौर की बात करते हैं,
कुछ अपनी सी और कुछ अपनों कि बात करते हैं…
बात उस वक्त की है जब मेरी मां मुझे दुलारा करती थी,
नज़रों से दुनिया की बचा कर मुझे संवारा करती थी,
गलती पर मेरी अकेले डांट कर पापा से छुपाया करती थी,
और पापा के मुझे डांटने पर पापा से बचाया करती थी…
मुझे कुछ होता तो वो भी कहाँ सोया करती थी,
देखा है मैंने,
वो रात भर बैठकर मेरे बाल संवारा करती थी,
घर से दूर आकर वो वक्त याद आता है,
दिन भर की थकान के बाद अब रात के खाने में, कहां मां के हाथ का स्वाद आता है,
मखमल की चादर भी अब नहीं रास आती है,
माँ की गोद में जब सिर हो उससे अच्छी नींद और कहाँ आती है…
Teri akhon me doob jana
ab bas ek alfaaj hai
ab na tujme wo ehsaas hai
ab na mujme wo baat hai 🥀