
Dekh Ki kuj ho reha e naal mere..!!
Sareya de vich betha yaad teriyan
Te Iklleya vich marde ne khayal tere..!!

Naya shehar hai zara dhekne to do
Dil tuta ashiq hu zara maikhane ka rasta hi dhekne do 🖤
नया शहर है ज़रा देखने तो दो
दिल टूटा आशिक़ हूँ ज़रा मैखाने का रास्ता ही देखने दो 🖤
आओ सुनाओ अपने जीवन की कथा
नाम है पेड़ दूर करता हूं सब की व्यथा
कितना विशाल कितना घना हूं
फल और फूलों से लदा हूं
मेरी ही छाया में आकर
तुम अपनी थकान मिटाते हो
मीठे फल और सुंदर फूल
तुम मुझसे ही ले जाते हो
दूषित हवा तुम मुझको देकर
खुद प्राणवायु मुझसे पाते हो
अपने ही जीवन के आधार पर
तुम कुल्हाड़ी जब बरसाते हो
मुझसे ही मेरा सब कुछ लेकर
तुम दर्द मुझे दे जाते हो
देता हूं बारिश का पानी
हरियाली मुझसे पाते हो
करता हूं इतने उपकार
फिर भी सहता तुम्हारे अत्याचार