सफर वही तक जहाँ तक तुम हो,
नज़र वही तक जहाँ तक तुम हो,
वैसे तो हज़ारों फूल खिलतें हैं गुलशन में मगर,
खुशबू वही तक जहाँ तक तुम हो।🥀❣️
Enjoy Every Movement of life!
सफर वही तक जहाँ तक तुम हो,
नज़र वही तक जहाँ तक तुम हो,
वैसे तो हज़ारों फूल खिलतें हैं गुलशन में मगर,
खुशबू वही तक जहाँ तक तुम हो।🥀❣️
खवाबों का एक दरिया लिए फिर रहा हु
पूरे होंगे एक डिब सब , एसी का इंतज़ार कर रहा हु ,
दिल्ल उदास चहरे पर हसी बरकरार है
जी हाँ , मैं अंदर ही अंदर मर रहा हूँ ।
देख दुनियाँ की तमाम शजीशे
यकीनन जो कर रहा हु सही कर रहा हूँ ।
Kambakht yeh aankhe
aansuaa ka wajan nahi uthaa paa rahe hai aur
ye gile takiye roj hi sawere sookh jaate hai
कम्बख्त ये आंखे ,
आंसुओ का वजन नहि उठा पा रहिन हैं! ओर
ये गिले तकिये रोज़ हि सवरे सुख जाते हैं!!