Choom ke tere rukhsar ko
Ye hawayein jab chalti hain,
Doob jata hai fir vo shehar nashe mein
Ye jis shehar se bhi guzrti hai..
चूम के तेरे रुख़सार को
ये हवाएँ जब चलतीं हैं,
डूब जाता है फिर वो शहर नशे में
ये जिस शहर से भी गुजरती हैं।
Choom ke tere rukhsar ko
Ye hawayein jab chalti hain,
Doob jata hai fir vo shehar nashe mein
Ye jis shehar se bhi guzrti hai..
चूम के तेरे रुख़सार को
ये हवाएँ जब चलतीं हैं,
डूब जाता है फिर वो शहर नशे में
ये जिस शहर से भी गुजरती हैं।

ये रिश्ता है हंसी मजाक का,
हंसी वाली मुस्कान और गम वाले आंसू का,
छोटी-छोटी बातों पर रूठ जाने का,
और फिर खुद ही मान जाने का,
यह रिश्ता है भाई और बहन का…!!
बहन वो जो हर आंसू छुपा दे भाई की खुशी के लिए,
और भाई वो जो हर हद पार कर दे बहन की खुशी के लिए,
बहन वो जो है राखी पर अपने प्यार को,
धागे में संजोकर भाई की कलाई पर बांध दें,
और भाई वो जो बहन की तकलीफ को,
देखकर दुनिया का हर बंधन तोड़ दे…!!
यह रिश्ता है चिड़ने का और चिड़ाने का,
शरारतों के पिटारो का,
कहीं और अनकही बातों का,
यह रिश्ता है बचपन की यादों का,
यह रिश्ता है प्यार की बगिया में विश्वास के फूल का…!!
जिसकी पंखुड़ी हर आंसू पी जाती है,
जिसको देखकर चेहरे पर सिर्फ खुशी रह जाती है,
जिसकी खुशबू जहन में और जिसकी तस्वीर यादों में,
हमेशा के लिए कैद हो जाती है,
यह रिश्ता है एक भाई का उसकी बहन से,
रिश्ता है मेरी राखी का तेरी कलाई से,
यह रिश्ता है भाई दूज के तिलक से,
रिश्ता है भाई और बहन का…!!
यह रिश्ता है भाई और बहन का…!!