Choom ke tere rukhsar ko
Ye hawayein jab chalti hain,
Doob jata hai fir vo shehar nashe mein
Ye jis shehar se bhi guzrti hai..
चूम के तेरे रुख़सार को
ये हवाएँ जब चलतीं हैं,
डूब जाता है फिर वो शहर नशे में
ये जिस शहर से भी गुजरती हैं।
Choom ke tere rukhsar ko
Ye hawayein jab chalti hain,
Doob jata hai fir vo shehar nashe mein
Ye jis shehar se bhi guzrti hai..
चूम के तेरे रुख़सार को
ये हवाएँ जब चलतीं हैं,
डूब जाता है फिर वो शहर नशे में
ये जिस शहर से भी गुजरती हैं।
हमारा तिरंगा
देश का प्रतीक है यह,
हर हिंदुस्तानी के नज़दीक है यह।
हर डर भुला देता है,
एक जोश जगा देता है।
सूरज सा ‘नारंगी’ तेज है इसमें,
शांति का ‘सफेद’ संदेश है इसमें।
इसमे खुशिओं की ‘हरियाली’ है,
यह चक्रवर्ती ‘चक्रधारी’ है।
वो फसलों सा लहराता है,
वो हर ऊंचाई से ऊपर जाता है।
एक बच्चे सा भोला है यह,
वक़्त पड़ने पर दहकता शोला है यह।
मित्रों का मीत है यह,
हर बुराई पर जीत है यह।
जीने का अंदाज़ है यह,
अपनी माटी का एहसास है यह।
इसकी अलग ही शान है,
यह हमारा तिरंगा महान है।।
Teri sajjna zaroorat menu es trah e
Dil nu dhadkan zaroori hundi jis trah e..!!
ਤੇਰੀ ਸੱਜਣਾ ਜ਼ਰੂਰਤ ਮੈਨੂੰ ਇਸ ਤਰ੍ਹਾਂ ਏ
ਦਿਲ ਨੂੰ ਧੜਕਣ ਜ਼ਰੂਰੀ ਹੁੰਦੀ ਜਿਸ ਤਰ੍ਹਾਂ ਏ..!!