Choom ke tere rukhsar ko
Ye hawayein jab chalti hain,
Doob jata hai fir vo shehar nashe mein
Ye jis shehar se bhi guzrti hai..
चूम के तेरे रुख़सार को
ये हवाएँ जब चलतीं हैं,
डूब जाता है फिर वो शहर नशे में
ये जिस शहर से भी गुजरती हैं।
Choom ke tere rukhsar ko
Ye hawayein jab chalti hain,
Doob jata hai fir vo shehar nashe mein
Ye jis shehar se bhi guzrti hai..
चूम के तेरे रुख़सार को
ये हवाएँ जब चलतीं हैं,
डूब जाता है फिर वो शहर नशे में
ये जिस शहर से भी गुजरती हैं।
कुछ हलचल सी है सीने में
सुकून कुछ खोया – सा है
जाने कैसी है ये अनुभूति
दिल कुछ रोया – सा है
कुछ आहट सी आयी है
और दिल कुछ धड़का – सा है।
हाथ – पाँव में हो रही कंपन-सी
बेचैनी ये जानी पहचानी – सी है
सांसे भी है कुछ थमी – सी
कितने वक्त गुज़र गये इन्तजार में
मेरी आहें भी हैं कुछ जमी – सी।
पलकें अब मूँदने लगी हैं
साँसें अब क्षीण पड़ रही हैं
अब तो आ जाओ इन लम्हों में
जाने कब लौटोगे?
आने का वादा था और ना भी था तो,
तुम्हारा इन्तज़ार तो था..
सारी हदें तोड़ कर आ जाओ
दुनिया की रस्मों को छोड़ कर आ जाओ
चंद लम्हों के लिए ही,
अब तो आ जाओ
मेरे लिए.. सिर्फ मेरे लिए |
Sadi nibhdi nahi c hanjhuya naal🙌
Bull utawle rehnde c khush hone nu☺️..!!
Kahde ishq de paindde nu pair pye😒
Hun fad bethe haan umran de rone nu💔..!!
ਸਾਡੀ ਨਿਭਦੀ ਨਹੀਂ ਸੀ ਹੰਝੂਆਂ ਨਾਲ🙌
ਬੁੱਲ੍ਹ ਉਤਾਵਲੇ ਰਹਿੰਦੇ ਸੀ ਖੁਸ਼ ਹੋਣੇ ਨੂੰ☺️..!!
ਕਾਹਦੇ ਇਸ਼ਕ ਦੇ ਪੈਂਡੇ ਨੂੰ ਪੈਰ ਪਏ😒
ਹੁਣ ਫੜ੍ਹ ਬੈਠੇ ਹਾਂ ਉਮਰਾਂ ਦੇ ਰੋਣੇ ਨੂੰ💔..!!