Choom ke tere rukhsar ko
Ye hawayein jab chalti hain,
Doob jata hai fir vo shehar nashe mein
Ye jis shehar se bhi guzrti hai..
चूम के तेरे रुख़सार को
ये हवाएँ जब चलतीं हैं,
डूब जाता है फिर वो शहर नशे में
ये जिस शहर से भी गुजरती हैं।
Choom ke tere rukhsar ko
Ye hawayein jab chalti hain,
Doob jata hai fir vo shehar nashe mein
Ye jis shehar se bhi guzrti hai..
चूम के तेरे रुख़सार को
ये हवाएँ जब चलतीं हैं,
डूब जाता है फिर वो शहर नशे में
ये जिस शहर से भी गुजरती हैं।
मोहब्बत तर्क की मैं ने गरेबाँ सी लिया मैं ने
ज़माने अब तो ख़ुश हो ज़हर ये भी पी लिया मैं ने
अभी ज़िंदा हूँ लेकिन सोचता रहता हूँ ख़ल्वत में
कि अब तक किस तमन्ना के सहारे जी लिया मैं ने
उन्हें अपना नहीं सकता मगर इतना भी क्या कम है
कि कुछ मुद्दत हसीं ख़्वाबों में खो कर जी लिया मैं ने
बस अब तो दामन-ए-दिल छोड़ दो बेकार उम्मीदो
बहुत दुख सह लिए मैं ने बहुत दिन जी लिया मैं ने
ਸੂਰਤ ਤੱਕ ਲਈ ਸੀ
ਸੀਰਤੋਂ ਅਪਾਹਿਜ ਸੀ
ਸ਼ਬਾਬ ਸਿਖਰ ਤੇ ਸੀ
ਧੋਖਾ ਰਾਇਜ ਸੀ
ਨੈਣਾ ਮੂਹਰੇ ਰਹੇ ਉਹ
ਬਸ ਏਨੀ ਖਵਾਇਸ਼ ਸੀ
ਮੁਹਾਬੱਤ ਕੀਤੀ ਸੀ
ਮਾਯੂਸੀ ਜਾਇਜ ਸੀ