मेरे बजूद में काश तू उतर जाए,
मैं देखूं आईना और तू नज़र आये,
तू हो सामने और ये वक्त ठहर जाए,
और ये जिंदगी तुझे देखते हुए गुज़र जाए।🥰
मेरे बजूद में काश तू उतर जाए,
मैं देखूं आईना और तू नज़र आये,
तू हो सामने और ये वक्त ठहर जाए,
और ये जिंदगी तुझे देखते हुए गुज़र जाए।🥰
ख़िज़ाँ का दौर हो या हो बहार का मौसम
मेरे लिए नहीं कोई क़रार का मौसम
किसे ख़बर थी बिछड़कर न मिल सकेंगे कभी
न ख़त्म होगा तेरे इन्तिज़ार का मौसम
ग़रज़ का दौर है सबको हैं अपनी अपनी धुन
किसी को रास न आया पुकार का मौसम
ढला है हुस्न तो मशहूर बेवफ़ाई हुई
गुज़र गया है तेरे इन्तिज़ार का मौसम
उड़ाए फिरती है आवारगी की आंधी हमें
हमें नसीब कहाँ ज़ुल्फ़-ए- यार का मौसम
बुझे हैं रेख़्ता हम तो बुझे नज़ारे हैं
उदास उदास लगा हुस्न -ए- यार का मौसम
Jaan lagi oh keh gyi c,
K menu yaad na kri ,,,
Te Asi aaj vi ohdiya yaada nu,
Sambh ke betha aa …💔
ਜਾਣ ਲੱਗੀ ਉਹ ਕਹਿ ਗਈ ਸੀ
ਕਿ ਮੈਨੂੰ ਯਾਦ ਨਾ ਕਰੀਂ,,,
ਤੇ ਅਸੀਂ ਅੱਜ ਵੀ ਓਹਦੀਆਂ ਯਾਦਾਂ ਨੂੰ,
ਸਾਂਭ ਕੇ ਬੈਠੇ ਆ…💔