ये गुरूर_ए_ हुस्न_ए _ऐब छोड़ ये पल भर का है,
तू रूह_ए_इश्क़ अपना वो उम्र भर का है ❣️❣️
Enjoy Every Movement of life!
ये गुरूर_ए_ हुस्न_ए _ऐब छोड़ ये पल भर का है,
तू रूह_ए_इश्क़ अपना वो उम्र भर का है ❣️❣️

प्यार था और रहेगा भी..लेकिन बस अब बार बार टूटने की हिम्मत खत्म हो गयी है डर में नही जी सकते के कब कौन बीच रास्ते साथ छोड़ जाए अकेले का सफर कठिन है जानती हूँ पर किसी के साथ रहकर भी तन्हा महसूस करना ज़्यादा बुरा लगता है 😔