ये रिश्तों के सिलसिले
इतने अजीब क्यों हैं,
जो हिस्से नसीब में नहीं
वो दिल के करीब क्यों हैं,
ना जाने कैसे लोगों को
मिल जाती है उनकी चाहत,
आख़िर किस से पूछे
हम इतने बदनसीब क्यों हैं।
Enjoy Every Movement of life!
ये रिश्तों के सिलसिले
इतने अजीब क्यों हैं,
जो हिस्से नसीब में नहीं
वो दिल के करीब क्यों हैं,
ना जाने कैसे लोगों को
मिल जाती है उनकी चाहत,
आख़िर किस से पूछे
हम इतने बदनसीब क्यों हैं।
Use chhod jaane ke liye ek bahana kaafi hai
wo har pal rahe paas mere dua jehi rabb se maangi hai
ਉਸੇ ਛੋਡ ਜਾਣੇ ਕੇ ਲਿਏ ਏਕ ਬਹਾਨਾ ਕਾਫ਼ੀ ਹੈ,
ਵੋ ਹਰ ਪਲ ਰਹੇ ਪਾਸ ਮੇਰੇ ਦੁਆ ਜਹੀ ਰੱਬ ਸੇ ਮਾਂਗੀ ਹੈ
