ये रिश्तों के सिलसिले
इतने अजीब क्यों हैं,
जो हिस्से नसीब में नहीं
वो दिल के करीब क्यों हैं,
ना जाने कैसे लोगों को
मिल जाती है उनकी चाहत,
आख़िर किस से पूछे
हम इतने बदनसीब क्यों हैं।
Enjoy Every Movement of life!
ये रिश्तों के सिलसिले
इतने अजीब क्यों हैं,
जो हिस्से नसीब में नहीं
वो दिल के करीब क्यों हैं,
ना जाने कैसे लोगों को
मिल जाती है उनकी चाहत,
आख़िर किस से पूछे
हम इतने बदनसीब क्यों हैं।
ਗਲ ਦਿਲ ਤੇ ਲੱਗੀ ਏ
ਦੁਖ ਏਹੋ ਮਾਰਦਾ ਨੀ
Gal dil te lagi e
dukh eho marda ni
Jab tak tujhe na dekho mai tab tak lagta hai jaise
subha ki chai mili na ho
jab tak tujhse baat na ho tab tak lagta hai
chai ki chuski li na ho😋
जब तक तुझे न देखू मैं तब तक लगता है जैसे
सुबह की चाय मिली न हो
जब तक तुझसे बात न हो तब तक लगता है
चाय की चुस्की ली न हो😋