ये रिश्तों के सिलसिले
इतने अजीब क्यों हैं,
जो हिस्से नसीब में नहीं
वो दिल के करीब क्यों हैं,
ना जाने कैसे लोगों को
मिल जाती है उनकी चाहत,
आख़िर किस से पूछे
हम इतने बदनसीब क्यों हैं।
ये रिश्तों के सिलसिले
इतने अजीब क्यों हैं,
जो हिस्से नसीब में नहीं
वो दिल के करीब क्यों हैं,
ना जाने कैसे लोगों को
मिल जाती है उनकी चाहत,
आख़िर किस से पूछे
हम इतने बदनसीब क्यों हैं।
Kade shant ho bethe kade khade kare bawaal
Hun taan mein vi jana mere dil de haal..!!
ਕਦੇ ਸ਼ਾਂਤ ਹੋ ਬੈਠੇ ਕਦੇ ਖੜੇ ਕਰੇ ਬਵਾਲ
ਹੁਣ ਤਾਂ ਮੈਂ ਵੀ ਨਾ ਜਾਣਾ ਮੇਰੇ ਦਿਲ ਦੇ ਹਾਲ..!!
Mera wajood jab tuje chubhne laga tha
Mera dil jab tujhey khilona laga tha
Mera hath thamna jab tuje mushqil laga tha
Main waheen bikhra pada tha kaheen
jahan
kisi aur ka hath tham ke tuje rukna pada tha💔
मेरा वज़ूद जब तुझे चुभने लगा था
मेरा दिल जब तुझे खिलौना लगा था
मेरा हाथ थामना जब तुझे मुश्किल लग था
मैं वही बिखरा पड़ा था कहीं यहां
किसी और का हाथ थाम के तुझे रुकना पड़ा था💔