ये रिश्तों के सिलसिले
इतने अजीब क्यों हैं,
जो हिस्से नसीब में नहीं
वो दिल के करीब क्यों हैं,
ना जाने कैसे लोगों को
मिल जाती है उनकी चाहत,
आख़िर किस से पूछे
हम इतने बदनसीब क्यों हैं।
ये रिश्तों के सिलसिले
इतने अजीब क्यों हैं,
जो हिस्से नसीब में नहीं
वो दिल के करीब क्यों हैं,
ना जाने कैसे लोगों को
मिल जाती है उनकी चाहत,
आख़िर किस से पूछे
हम इतने बदनसीब क्यों हैं।
Hou tenu Eddi vi gall nhi
Jad teri khatir nilam hoyea sa
Mashoor hunda c aulakh, hun nhi reha
Tere karke badnaam hoyea sa💔
ਹੋਊ ਤੈਨੂੰ , ਏਡੀ ਵੀ ਗੱਲ ਨੀ
ਜਦ ਤੇਰੀ ਖ਼ਾਤਰ ਨਿਲਾਮ ਹੋਇਆਂ ਸਾਂ
ਮਸ਼ਹੂਰ ਹੁੰਦਾ ਸੀ ਔਲਖ , ਹੁਣ ਨੀ ਰੇਹਾ
ਤੇਰੇ ਕਰਕੇ ਬਦਨਾਮ ਹੋਇਆ ਸਾਂ💔
Yaaro jo kabhi hmari ankhon mein
Ek ansu bhi nhi dekha karta tha,
Afsos aaj vahi hmari
Behte ansuyo ki vjah hai💔
यारो जो कभी हमारी आंखों में
एक आंसू भी नही देखा करता था,
अफसोस आज वही हमारी
बहते आंसुओं की वजह है💔