ये रिश्तों के सिलसिले
इतने अजीब क्यों हैं,
जो हिस्से नसीब में नहीं
वो दिल के करीब क्यों हैं,
ना जाने कैसे लोगों को
मिल जाती है उनकी चाहत,
आख़िर किस से पूछे
हम इतने बदनसीब क्यों हैं।
Enjoy Every Movement of life!
ये रिश्तों के सिलसिले
इतने अजीब क्यों हैं,
जो हिस्से नसीब में नहीं
वो दिल के करीब क्यों हैं,
ना जाने कैसे लोगों को
मिल जाती है उनकी चाहत,
आख़िर किस से पूछे
हम इतने बदनसीब क्यों हैं।
Na dosti Mili na pyar Mila
Humein to bas Intezaar mila😇
Logo ko Mila hoga insano mein khuda
Humein to har shakhas bekaar mila🙃
ना दोस्ती मिली ना प्यार मिला
हमें तो बस इंतजार मिला😇
लोगो को मिला होगा इंसानों में खुदा
हमें तो हर शख्स बेकार मिला🙃
