ये रिश्तों के सिलसिले
इतने अजीब क्यों हैं,
जो हिस्से नसीब में नहीं
वो दिल के करीब क्यों हैं,
ना जाने कैसे लोगों को
मिल जाती है उनकी चाहत,
आख़िर किस से पूछे
हम इतने बदनसीब क्यों हैं।
ये रिश्तों के सिलसिले
इतने अजीब क्यों हैं,
जो हिस्से नसीब में नहीं
वो दिल के करीब क्यों हैं,
ना जाने कैसे लोगों को
मिल जाती है उनकी चाहत,
आख़िर किस से पूछे
हम इतने बदनसीब क्यों हैं।
Agar apni kismat likhne ka zara sa bhi hak ho mujhe,
To apne naam ke sath tujhe har baar likhu😍..!!
अगर अपनी किस्मत लिखने का जरा सा भी हक हो मुझे,
तो अपने नाम के साथ तुझे हर बार लिखूं😍..!!
Kade rukhapan dikhaunda e
Kade bol kahe pyar naal bhare..!!
Kade lagge rooh vali mohobbat karda
Kade lagge bas jisma te mare💔..!!
ਕਦੇ ਰੁੱਖਾਪਨ ਦਿਖਾਉਂਦਾ ਏ
ਕਦੇ ਬੋਲ ਕਹੇ ਪਿਆਰ ਨਾਲ ਭਰੇ..!!
ਕਦੇ ਲੱਗੇ ਰੂਹ ਵਾਲੀ ਮੋਹੁੱਬਤ ਕਰਦਾ
ਕਦੇ ਲੱਗੇ ਬਸ ਜਿਸਮਾਂ ‘ਤੇ ਮਰੇ💔..!!