ये रिश्तों के सिलसिले
इतने अजीब क्यों हैं,
जो हिस्से नसीब में नहीं
वो दिल के करीब क्यों हैं,
ना जाने कैसे लोगों को
मिल जाती है उनकी चाहत,
आख़िर किस से पूछे
हम इतने बदनसीब क्यों हैं।
Enjoy Every Movement of life!
ये रिश्तों के सिलसिले
इतने अजीब क्यों हैं,
जो हिस्से नसीब में नहीं
वो दिल के करीब क्यों हैं,
ना जाने कैसे लोगों को
मिल जाती है उनकी चाहत,
आख़िर किस से पूछे
हम इतने बदनसीब क्यों हैं।
tere noor ne ishq de raaha nu roshnayea
tere naina ne taa saanu kagaz kalam fadhaeya
ਤੇਰੇ ਨੂਰ ਨੇ ਇਸ਼ਕ ਦੇ ਰਾਹਾਂ ਨੂੰ ਰੋਸ਼ਨਾਇਆ..
ਤੇਰੇ ਨੈਣਾਂ ਨੇ ਤਾਂ ਸਾਨੂੰ ਕਾਗਜ਼ ਕਲਮ ਫੜਾਇਆ 😇❤️
Poore shehar mein myassar nhi hawa kahi,
Bas meri rooh hai jo dar dar bhatkati hai..
पूरे शहर में मयस्सर नहीं हवा कहीं,
बस मेरी रूह है जो दर दर भटकती है…