ये रिश्तों के सिलसिले
इतने अजीब क्यों हैं,
जो हिस्से नसीब में नहीं
वो दिल के करीब क्यों हैं,
ना जाने कैसे लोगों को
मिल जाती है उनकी चाहत,
आख़िर किस से पूछे
हम इतने बदनसीब क्यों हैं।
Enjoy Every Movement of life!
ये रिश्तों के सिलसिले
इतने अजीब क्यों हैं,
जो हिस्से नसीब में नहीं
वो दिल के करीब क्यों हैं,
ना जाने कैसे लोगों को
मिल जाती है उनकी चाहत,
आख़िर किस से पूछे
हम इतने बदनसीब क्यों हैं।
#Kuware Hum Hai
#Tension Logon Ko Hai
Jin chaar logon mein baithkar aap dusron ki burai karte hain
Yakeen maniye aapke jate hi waha aapki bhi burai shuru ho jayegi!!!
जिन चार लोगों में बैठकर आप दूसरों की बुराई करते हैं
यकीन मानिए आपके जाते ही वहाँ पर आपकी भी बुराई शुरू हो जाएगी!!!