ये रिश्तों के सिलसिले
इतने अजीब क्यों हैं,
जो हिस्से नसीब में नहीं
वो दिल के करीब क्यों हैं,
ना जाने कैसे लोगों को
मिल जाती है उनकी चाहत,
आख़िर किस से पूछे
हम इतने बदनसीब क्यों हैं।
Enjoy Every Movement of life!
ये रिश्तों के सिलसिले
इतने अजीब क्यों हैं,
जो हिस्से नसीब में नहीं
वो दिल के करीब क्यों हैं,
ना जाने कैसे लोगों को
मिल जाती है उनकी चाहत,
आख़िर किस से पूछे
हम इतने बदनसीब क्यों हैं।
Eve kive jatti teri jholli vich pe ju
ja ke babeyaan de sukh laa patase mundeyaa
Awe ਕਿਵੇ ਜੱਟੀ ਤੇਰੀ ਝੌਲੀ ਵਿਚ ਪੈ ਜੂ
😴 ਜਾ ਕੇ ਬਾਬੇਅਾ ਦੇ ਸੁੱਖ ਲੈ ਪਤਾਸੇ ਮੁੰਡੇਆ
