ये रिश्तों के सिलसिले
इतने अजीब क्यों हैं,
जो हिस्से नसीब में नहीं
वो दिल के करीब क्यों हैं,
ना जाने कैसे लोगों को
मिल जाती है उनकी चाहत,
आख़िर किस से पूछे
हम इतने बदनसीब क्यों हैं।
Enjoy Every Movement of life!
ये रिश्तों के सिलसिले
इतने अजीब क्यों हैं,
जो हिस्से नसीब में नहीं
वो दिल के करीब क्यों हैं,
ना जाने कैसे लोगों को
मिल जाती है उनकी चाहत,
आख़िर किस से पूछे
हम इतने बदनसीब क्यों हैं।
Tan maila tan dhul jauga
man maila tan dhula sauka nai
ਤਨ ਮੈਲਾ ਤਾਂ ਧੁਲ ਜਾਉਗਾ
ਮਨ ਮੈਲਾ ਤਾਂ ਧੁਲਨਾ ਸੌਖਾ ਨਈ
Tu v taan khusboo di tarah e sajjna
mehsoos taa hunda par kol ni
ਤੂੰ ਵੀ ਖੁਸ਼ਬੂ ਦੀ ਤਰਾ ਏ ਸੱਜਣਾਂ
ਮਹਿਸੂਸ ਤਾ ਹੁੰਦਾ ਪਰ ਕੋਲ ਨੀ