ये रिश्तों के सिलसिले
इतने अजीब क्यों हैं,
जो हिस्से नसीब में नहीं
वो दिल के करीब क्यों हैं,
ना जाने कैसे लोगों को
मिल जाती है उनकी चाहत,
आख़िर किस से पूछे
हम इतने बदनसीब क्यों हैं।
Enjoy Every Movement of life!
ये रिश्तों के सिलसिले
इतने अजीब क्यों हैं,
जो हिस्से नसीब में नहीं
वो दिल के करीब क्यों हैं,
ना जाने कैसे लोगों को
मिल जाती है उनकी चाहत,
आख़िर किस से पूछे
हम इतने बदनसीब क्यों हैं।
💕ਓਹਦੇ ਦੂਰ ਜਾਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਪਤਾ ਲੱਗਿਆ
ਕੇ ਕਿੰਨਾ ਜਿਆਦਾ ਕਰੀਬ ਹੋਗਿਆ ਸੀ,,, ਝੱਲਾ ਜਿਹਾ💕
Ohde door jaan to baad pta lggea…
K kina jyada kreeb hogea c ….jhalla jea!!!
kittu
