ये रिश्तों के सिलसिले
इतने अजीब क्यों हैं,
जो हिस्से नसीब में नहीं
वो दिल के करीब क्यों हैं,
ना जाने कैसे लोगों को
मिल जाती है उनकी चाहत,
आख़िर किस से पूछे
हम इतने बदनसीब क्यों हैं।
Enjoy Every Movement of life!
ये रिश्तों के सिलसिले
इतने अजीब क्यों हैं,
जो हिस्से नसीब में नहीं
वो दिल के करीब क्यों हैं,
ना जाने कैसे लोगों को
मिल जाती है उनकी चाहत,
आख़िर किस से पूछे
हम इतने बदनसीब क्यों हैं।
Train yourself to build an empire, not a servant.
Oh dard dard nahi hunda, jihnu byaan karn lai saadhiyaa akhaan hungaara na bharan
ਉਹ ਦਰਦ ਦਰਦ ਨਹੀਂ ਹੁੰਦਾ, ਜਿਹਨੂੰ ਬਿਆਨ ਕਰਨ ਲਈ ਸਾਡੀਆ ਅੱਖਾਂ ਹੁੰਗਾਰਾ ਨਾ ਭਰਨ