ये रिश्तों के सिलसिले
इतने अजीब क्यों हैं,
जो हिस्से नसीब में नहीं
वो दिल के करीब क्यों हैं,
ना जाने कैसे लोगों को
मिल जाती है उनकी चाहत,
आख़िर किस से पूछे
हम इतने बदनसीब क्यों हैं।
ये रिश्तों के सिलसिले
इतने अजीब क्यों हैं,
जो हिस्से नसीब में नहीं
वो दिल के करीब क्यों हैं,
ना जाने कैसे लोगों को
मिल जाती है उनकी चाहत,
आख़िर किस से पूछे
हम इतने बदनसीब क्यों हैं।
Jab se jana hai khud ko sfa mehtaab si ban gayi hai
Fizool nahi zindagi to shabab si van gayi hai❤️..!!
जब से जाना है खुद को सफा मेहताब सी बन गई है
फ़िज़ूल नहीं ज़िन्दगी तो शबाब सी बन गई है❤️..!!
Ohne jado menu zindagi cho kaddeya
Mein ohnu khayalan cho kadd shaddeya
Jaan laggeya kehnda menu bhul ja
Mein hass ke keha kado da tenu bhula shaddeya 🙌
ਉਹਨੇ ਜਦੋਂ ਮੈਨੂੰ ਜਿੰਦਗੀ ਚੋ ਕੱਢਿਆ
ਮੈਂ ਉਹਨੂੰ ਖ਼ਿਆਲਾਂ ਚੋ ਕੱਢ ਛੱਡਿਆ
ਜਾਣ ਲਗਿਆਂ ਕਹਿੰਦਾ ਮੈਨੂੰ ਭੁੱਲ ਜਾ
ਮੈਂ ਹੱਸ ਕੇ ਕਿਹਾ ਕਦੋ ਦਾ ਤੈਨੂੰ ਭੁੱਲਾ ਛੱਡਿਆ…🙌