ये रिश्तों के सिलसिले
इतने अजीब क्यों हैं,
जो हिस्से नसीब में नहीं
वो दिल के करीब क्यों हैं,
ना जाने कैसे लोगों को
मिल जाती है उनकी चाहत,
आख़िर किस से पूछे
हम इतने बदनसीब क्यों हैं।
Enjoy Every Movement of life!
ये रिश्तों के सिलसिले
इतने अजीब क्यों हैं,
जो हिस्से नसीब में नहीं
वो दिल के करीब क्यों हैं,
ना जाने कैसे लोगों को
मिल जाती है उनकी चाहत,
आख़िर किस से पूछे
हम इतने बदनसीब क्यों हैं।
#GG
ਜਦੋ ਜੀਅ ਕਰਦੈ
ਉਦੋ ਬੁਲਾਉਦੇ ਨੇ
ਜਦੋ ਜੀਅ ਕਰਦੈ
ਸੱਜਣ ਦਿਲੋ ਭੁਲਾਉਣੇ ਨੇ
ਜਦੋ ਜੀਅ ਕਰਦੈ
ਹੱਕ ਵੀ ਖੋਹ ਲੈਂਦੇ
ਪ੍ਰੀਤ ਜਦੋ ਜੀਅ ਕਰਦੈ
ਹੱਕ ਉਦੋ ਜਤਾਉਂਦੇ ਨੇ
