ये रिश्तों के सिलसिले
इतने अजीब क्यों हैं,
जो हिस्से नसीब में नहीं
वो दिल के करीब क्यों हैं,
ना जाने कैसे लोगों को
मिल जाती है उनकी चाहत,
आख़िर किस से पूछे
हम इतने बदनसीब क्यों हैं।
Enjoy Every Movement of life!
ये रिश्तों के सिलसिले
इतने अजीब क्यों हैं,
जो हिस्से नसीब में नहीं
वो दिल के करीब क्यों हैं,
ना जाने कैसे लोगों को
मिल जाती है उनकी चाहत,
आख़िर किस से पूछे
हम इतने बदनसीब क्यों हैं।
ਉਠੂ ਚੀਸ ਦਿਲ ਵਿੱਚ ਹੋਵੇਗਾ ਫਿਕਰ ਡਾਹਢਾ
ਜਦੋਂ ਕੋਈ ਤੇਰੇ ਕੋਲ ਕਰੇਗਾ ਜ਼ਿਕਰ ਸਾਡਾ
Uthu chees dil vich howega fikar dhahdha
jadon koi tere kol karega jikar sadha
वो चले गए हमसे मुस्कुराने का वादा लेकर, और लोग समझते हैं कि हम पत्थर दिल हैं, केसे बताएं सबको यारो आज भी हमें उनसे प्यार बहुत है