ये रिश्तों के सिलसिले
इतने अजीब क्यों हैं,
जो हिस्से नसीब में नहीं
वो दिल के करीब क्यों हैं,
ना जाने कैसे लोगों को
मिल जाती है उनकी चाहत,
आख़िर किस से पूछे
हम इतने बदनसीब क्यों हैं।
Enjoy Every Movement of life!
ये रिश्तों के सिलसिले
इतने अजीब क्यों हैं,
जो हिस्से नसीब में नहीं
वो दिल के करीब क्यों हैं,
ना जाने कैसे लोगों को
मिल जाती है उनकी चाहत,
आख़िर किस से पूछे
हम इतने बदनसीब क्यों हैं।
दिखा तेरे दिल में
क्या रहता हूँ मैं
या फिर ये झूठी वादे कसमें हैं
या हम तेरी निगाहों के बस में है
दिल के प्यार का जादू चला है
या तूने रूप से छला है।
अदाओं ने किया है असर
या नजरों का हुआ बसर
बता तेरे भी दिल की खबर
आखिर क्यों हो रहा दुनिया से बेखबर
