जिंदा हैं सिरफ कहने के लिए
ये सांसे तो उसी दिन थम गई थी
जिस दिन आप ने छोड़ दिए थे हम गैरों के लिए
Enjoy Every Movement of life!
जिंदा हैं सिरफ कहने के लिए
ये सांसे तो उसी दिन थम गई थी
जिस दिन आप ने छोड़ दिए थे हम गैरों के लिए

हो विष्णु तुम धरा के,
हल सुदर्शन तुम्हारा !!
बिना शेष-शैया के ही,
होता दर्शन तुम्हारा !!
पत्थर को पूजने वाले,
क्या समझेंगे मोल तेरा !!
माँ भारती के ज्येष्ठ सुत,
तुमको नमन हमारा !!!
तरुण चौधरी