जिंदा हैं सिरफ कहने के लिए
ये सांसे तो उसी दिन थम गई थी
जिस दिन आप ने छोड़ दिए थे हम गैरों के लिए
Enjoy Every Movement of life!
जिंदा हैं सिरफ कहने के लिए
ये सांसे तो उसी दिन थम गई थी
जिस दिन आप ने छोड़ दिए थे हम गैरों के लिए
Dusre ki amaanat ko dhekh kar hairan mat ho,
Khuda tumhe bhi dega pareshan mat ho
सुना है खूबसूरती की मरम्मत चल रही है,
आईने में देखी जो सूरत तुमसे जीत रही है,
चन्द फूल लगे तुम्हे बेहद संवरने में मगर,
उनकी खुशबू भी तुम्हारे हुस्न से महक रही है...