Zinda Rahane Ki Ab Yeh Tarkeeb Nikaali Hai,
Zinda Hone Ki Khabar Sab Se Chhupa Li Hai.
ज़िंदा रहने की अब ये तरकीब निकाली है,
ज़िंदा होने की खबर सब से छुपा ली है।
Zinda Rahane Ki Ab Yeh Tarkeeb Nikaali Hai,
Zinda Hone Ki Khabar Sab Se Chhupa Li Hai.
ज़िंदा रहने की अब ये तरकीब निकाली है,
ज़िंदा होने की खबर सब से छुपा ली है।
नफ़रत का भाव ज्यों ज्यों खोता चला गया, मैं रफ्ता रफ्ता आदमी होता चला गया। फिर हो गया प्यार की गंगा से तर बतर, गुजरा जिधर से सबको भिगोता चला गया। सोचा हमेशा मुझसे किसी का बुरा न हो, नेकी हुई तो दरिया में डुबोता चला गया। कटुता की सुई लेके खड़े थे जो मेरे मीत, सद्भावना के फूल पिरोता चला गया। जितना सुना था उतना जमाना बुरा नहीं, विश्वास अपने आप पर होता चला गया। अपने से ही बनती है बिगड़ती है ये दुनियां, मैं अपने मन के मैल को धोता चला गया। उपजाऊ दिल है बेहद मेरे शहर के लोग, हर दिल में बीज प्यार का बोता चला गया।...
bharam hai.. to bharam hee rahane do…. jaanata hoon mohobbat nahin hai,
par jo bhee hai… kuchh der to rahane do…
भरम है.. तो भरम ही रहने दो…. जानता हूं मोहोब्बत नहीं है,
पर जो भी है… कुछ देर तो रहने दो…