यह जख्म से भरा हुआ दिल है जनाब
इसे महेफिल से ज्यादा तन्हाई रास आती है
Yeh zakhm se bhara hua Dil hai Janaab
Isse mehfil se zyada Tanhaii raas aati hai
यह जख्म से भरा हुआ दिल है जनाब
इसे महेफिल से ज्यादा तन्हाई रास आती है
Yeh zakhm se bhara hua Dil hai Janaab
Isse mehfil se zyada Tanhaii raas aati hai
दूर से ही हाथ हिला के चला जाऊंगा।
मैं तुमसे नजरे मिला के चला जाऊंगा।
नजरअंदाज कर देना ज़माने की तरह तुम भी,
नशे में हूं चिल्लाऊंगा चिल्ला के चला जाऊंगा।
हर वजह खत्म कर दूंगा मैं अपने लौटने की,
मत सोचना कि उम्मीद दिला के चला जाऊंगा।
मिटा दूंगा हर एक निशानी मोहब्बत की,
मैं अपना आशियाना जला के चला जाऊंगा।
जिसकी खुशबू से महक उठे सारा जमाना,
मैं वो फूल चमन में, खिला के चला जाऊंगा।
याद रखो न रखो, फ़ैसला तुम्हारा है “शिवम”
मैं इक बार चेहरा, दिखला के चला जाऊंगा।
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