
Enjoy Every Movement of life!

वो भी हमको मिल गया है क्या सितम है,
ग़म ही ग़म है क्या ही क्या है क्या सितम है।
देख ले इक मर्तबा तेरी तरफ़ जो,
रात दिन मांगे दुआ है क्या सितम है।
ज़िंदगी मेरी कहीं बस बीत जाए
बे वफ़ा तो हो गया है क्या सितम है।
इश्क़ तेरा अब जहर सा हो गया है,
वो जहर ही अब दवा है क्या सितम है।
आज कल घर से निकलते ही नहीं हो,
यार तुमको क्या हुआ है क्या सितम है।
आज दीदार ना हुआ उनका एक बार भी, नाराज से लगते हैं..
सुनाई देती है जैसे ही दस्तक कोई, बार- बार दरवाजे पे भगते हैं..
हर बार कोई और होता है, ख्वाब टूट जाता है, नींद से जगते हैं..
अरे कोई तो खबर करदो उन्हें, इंतजार में हैं, वो अपने से लगते हैं..❤️