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Yun mohobbat kisi se ||Urdu Ghazal or Shayari

HO JAAYE GAR YOUN MOHABBAT KISI SE 

PHIR KHASAARE BHI ACHCHE LAGTE HAIN

ہو جائے گر یوں محبّت کسی سے
پھر خسارے بھی اچھّے لگتے ہے

Title: Yun mohobbat kisi se ||Urdu Ghazal or Shayari

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


Jab sath ho tum || hindi poetry || love poetry

मुझे तालाश नहीं कोई मंजिल की
जब राहो में मेरे साथ हो तुम।

मुझे नहीं चाहिए दौलत सूरत
मेरी इक बस अरमान हो तुम।

बंजर पड़ी मेरी ज़िंदगी को
शोभन करे वो बरसात हो तुम।

मेरी कौफ सी काली रातो को
रोषण करे वो चांद हो तुम।

मेरा दिन बन जाता लबो पे आते
वो खुदा सुनहरा नाम हो तुम।

मेरी हर मुश्किल को चीर के आगे
वो धनुष से निकला बान हो तुम।

मेरी हर दर्द को दुर करे
मलहम सा लगा बाम हो तुम।

मुझे क्या जरूरत किसी ऑर सक्स की
जब हर लम्हों में साथ हो तुम।

मुझे तालाश नहीं कोई मंजिल की
जब रहो में मेरे साथ हो तुम।

जो तन को पल में सीतल कर दे
वो सुबह की पहली आजन हो तुम।

जो सह ले हर करवी बाते
वो मधुर मीठी मुस्कन हो तुम।

जो राहत से भितम गरमी से
वो पेरो की ठंडी छाओ हो तुम।

खोल दे आखे सही वक्त पे
वो शोर करती आलार्म हो तुम।

मुझे तालाश नहीं कोई मंजिल की
जब रहो में मेरे साथ हो तुम।।

Title: Jab sath ho tum || hindi poetry || love poetry


chup reh kar || hindi shayari || kavita

चुप रह कर, ये क़माल देखने लगा

उस शिकारी का,ज़ाल देखने लगा

उसने कहा, देखो आ गया समंदर

और मैं अपना, रुमाल देखने लगा

पहले उसने मेरा सर रखा,कंधे पर

फिर वो भीगे हुए,गाल देखने लगा

इसको नया इश्क़,मंज़ूर ही कहां है

दिल फिर पुराना,साल देखने लगा

याद आ गए,फिर उसके गाल मुझे

मैं होली में जब,गुलाल देखने लगा

और जब निवाला देकर,ली फोटो

मुस्कुरा के मैं, हड़ताल देखने लगा

Title: chup reh kar || hindi shayari || kavita