जमाना किस दिन मेरी बात सुनेगा।
मेरे सवाल कड़ी धूप की रेत में खड़े है।
बिस्तर पे लगे थे उनके भी ज़ख्म भर गए,
जिनके सपने मेरे से दस साल बड़े है।
Enjoy Every Movement of life!
जमाना किस दिन मेरी बात सुनेगा।
मेरे सवाल कड़ी धूप की रेत में खड़े है।
बिस्तर पे लगे थे उनके भी ज़ख्म भर गए,
जिनके सपने मेरे से दस साल बड़े है।
Never lose hope, just when you think it’s over, god sends you a miracle ❤
Husn ki barsaton me wo badal si banke ayii thi☁️
Sardi ki un raaton me wo chadar si banke ayii thi❣️
Pyaase ko paani mila Ana jab uska hua 😇
Sooni in ankhon me wo kajal si banke ayii thi😍
हुस्न की बरसातों में वो बादल सी बनके आयी थी☁️
सर्दी की उन रातों में वो चादर सी बनके आई थी❣️
प्यासे को पानी मिला आना जब उसका हुआ😇
सूनी इन आँखों में वो काजल बनके आयी थी😍