जमाना किस दिन मेरी बात सुनेगा।
मेरे सवाल कड़ी धूप की रेत में खड़े है।
बिस्तर पे लगे थे उनके भी ज़ख्म भर गए,
जिनके सपने मेरे से दस साल बड़े है।
Enjoy Every Movement of life!
जमाना किस दिन मेरी बात सुनेगा।
मेरे सवाल कड़ी धूप की रेत में खड़े है।
बिस्तर पे लगे थे उनके भी ज़ख्म भर गए,
जिनके सपने मेरे से दस साल बड़े है।
तुम नहीं जानती ….❤️
वो लड़का तुम्हें..
कितना चाहता है…
जो दुआओं में पहले अपनी खुशियां मांगता था..
…..वो अब तुम्हें मांगता है…..❤️
ahesaan to tera bhee hai ek mujh par zaaleem,
in najaron se na tu neekala… na mujhe neekalane deeya..
अहेसान तो तेरा भी है एक मुझ पर ज़ालीम,
इन नजरों से ना तु नीकला… न मुझे नीकलने दीया..