जमाना किस दिन मेरी बात सुनेगा।
मेरे सवाल कड़ी धूप की रेत में खड़े है।
बिस्तर पे लगे थे उनके भी ज़ख्म भर गए,
जिनके सपने मेरे से दस साल बड़े है।
जमाना किस दिन मेरी बात सुनेगा।
मेरे सवाल कड़ी धूप की रेत में खड़े है।
बिस्तर पे लगे थे उनके भी ज़ख्म भर गए,
जिनके सपने मेरे से दस साल बड़े है।
Zindagi Teri har uljhano ki zinda saboot hoon mein
Tujhe kya pta ab kitni majboot hoon mein!!
जिंदगी तेरी हर उलझनों की जिंदा सबूत हूं मैं
तुझे क्या पता अब कितनी मजबूत हूं मैं!!
Badha pyar c us jhlli naal..
par kareeb ho k v oh kareeb na hoi
ajh halat us tutte taare wargi
jisnu tutt k v dharti naseeb na hoi
ਬੜਾ ਪਿਆਰ ਸੀ ਉਸ ਝੱਲੀ ਨਾਲ…
ਪਰ ਕਰੀਬ ਹੋ ਕੇ ਵੀ ਉਹ ਕਰੀਬ ਨਾ ਹੋੲੀ…
ਅੱਜ ਹਾਲਤ ਉਸ ਟੁੱਟੇ ਤਾਰੇ ਵਰਗੀ…
ਜਿਸਨੂੰ ਟੁੱਟ ਕੇ ਵੀ ਧਰਤੀ ਨਸੀਬ ਨਾ ਹੋਈ…