जमाना किस दिन मेरी बात सुनेगा।
मेरे सवाल कड़ी धूप की रेत में खड़े है।
बिस्तर पे लगे थे उनके भी ज़ख्म भर गए,
जिनके सपने मेरे से दस साल बड़े है।
Enjoy Every Movement of life!
जमाना किस दिन मेरी बात सुनेगा।
मेरे सवाल कड़ी धूप की रेत में खड़े है।
बिस्तर पे लगे थे उनके भी ज़ख्म भर गए,
जिनके सपने मेरे से दस साल बड़े है।
I miss my old days
where my mind was
peaceful and happy..😌
क्या क्या तेरे नाम लिखूं
दिल लिखूं की जान लिखूं🥀
आंसू चुराके तेरी प्यारी आंखों से
अपनी हर खुशी तेरे नाम लिखूं😍
बसा ले नज़र में सूरत तुम्हारी,
दिन रात इसी पर हम मरते रहें,🥰
खुदा करे जब तक चले ये साँसे हमारी,
हम बस तुमसे ही प्यार करते रहें ॥😘