जमाना किस दिन मेरी बात सुनेगा।
मेरे सवाल कड़ी धूप की रेत में खड़े है।
बिस्तर पे लगे थे उनके भी ज़ख्म भर गए,
जिनके सपने मेरे से दस साल बड़े है।
Enjoy Every Movement of life!
जमाना किस दिन मेरी बात सुनेगा।
मेरे सवाल कड़ी धूप की रेत में खड़े है।
बिस्तर पे लगे थे उनके भी ज़ख्म भर गए,
जिनके सपने मेरे से दस साल बड़े है।
मेरे आँखों के ख्वाब, दिल के अरमान हो तुम,
तुम से ही तो मैं हूँ, मेरी पहचान हो तुम,
मैं ज़मीन हूँ अगर तो मेरे आसमान हो तुम,
सच मानो मेरे लिए तो सारा जहान हो तुम।
Oh jande jande
naal bitaye pal saare bhul gaye
mere hauke v thamna bhul gaye
ਉਹ ਜਾਂਦੇ ਜਾਂਦੇ
ਨਾਲ ਬਿਤਾਏ ਪਲ ਸਾਰੇ ਭੁੱਲ ਗਏ
ਮੇਰੇ ਹੌਕੇ ਵੀ ਥਮਣਾ ਭੁੱਲ ਗਏ