जमाना किस दिन मेरी बात सुनेगा।
मेरे सवाल कड़ी धूप की रेत में खड़े है।
बिस्तर पे लगे थे उनके भी ज़ख्म भर गए,
जिनके सपने मेरे से दस साल बड़े है।
Enjoy Every Movement of life!
जमाना किस दिन मेरी बात सुनेगा।
मेरे सवाल कड़ी धूप की रेत में खड़े है।
बिस्तर पे लगे थे उनके भी ज़ख्म भर गए,
जिनके सपने मेरे से दस साल बड़े है।
Khoob Hausla Barhaya Aandhiyon Ne Dhool Ka,
Magar Do Boond Barish Ne Aukaat Bata Di.
खूब हौसला बढ़ाया आँधियों ने धूल का,
मगर दो बूँद बारिश ने औकात बता दी।
Pyaar Oh Nahi Jo TeNu MeRa Bna DeWe
PyaaR Oh AE Jo TeinU Kise Da HooN Na DewE,,♥