जमाना किस दिन मेरी बात सुनेगा।
मेरे सवाल कड़ी धूप की रेत में खड़े है।
बिस्तर पे लगे थे उनके भी ज़ख्म भर गए,
जिनके सपने मेरे से दस साल बड़े है।
जमाना किस दिन मेरी बात सुनेगा।
मेरे सवाल कड़ी धूप की रेत में खड़े है।
बिस्तर पे लगे थे उनके भी ज़ख्म भर गए,
जिनके सपने मेरे से दस साल बड़े है।
सेंटीमेंट आग से भी भयंकर।
आग जलाता है बाहर से, लेकिन वो रुलाता है अंदर।
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जिनको जल जाना होता है, उनको कौन रोकेगा।
ये आग नहीं, प्यार का अल्फा ओमेगा।
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जिंदगी नाव है, समय माझी।
बहता हु में, लहर की आवाज़ सुनोजी।
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लोग कहते है प्यार के साथ कविता जुड़े है।
प्यार जिंदगी का दूसरा नाम और जिंदगी कविता की रूप है।
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बहुत लोगों का प्यार टूट जाता है।
जीवन के साथ प्यार होता है समय का, यही प्रगति है।
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जिंदगी के मैदान में कितने सारे हीरो खेलते है।
लेकिन सिर्फ एक विजेता इतिहास लिखते है।
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खुद को समझाओ, किसी को समझाना मुश्किल।
समय अदालत है, और वक्त वकील।
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कोरोना घातक है, लेकिन दरिद्रता नियति।
रोग में मरे बहुत, अब भूख के अगन में आत्माहुति।
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रिश्ते लहर की तरह।
उठती है, गिरती है, टूटती हे धारा।
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घर में लक्ष्मी है तो सब कुछ है।
धन उनकी रूप और सम्पद उनकी रूह है।

Ful kina hi sohna howe
tareef ohdi khusbu ton hundi aa
insaan jine marzi ambar chhoh le
kadar ohdi gunaa ton hundi aa