जमाना किस दिन मेरी बात सुनेगा।
मेरे सवाल कड़ी धूप की रेत में खड़े है।
बिस्तर पे लगे थे उनके भी ज़ख्म भर गए,
जिनके सपने मेरे से दस साल बड़े है।
Enjoy Every Movement of life!
जमाना किस दिन मेरी बात सुनेगा।
मेरे सवाल कड़ी धूप की रेत में खड़े है।
बिस्तर पे लगे थे उनके भी ज़ख्म भर गए,
जिनके सपने मेरे से दस साल बड़े है।
Sabar kar dila..!!
Usde faisle te shakk nhi karida..!!
ਸਬਰ ਕਰ ਦਿਲਾ..!!
ਉਸਦੇ ਫ਼ੈਸਲੇ ‘ਤੇ ਸ਼ੱਕ ਨਹੀਂ ਕਰੀਦਾ..!!
