जमाना किस दिन मेरी बात सुनेगा।
मेरे सवाल कड़ी धूप की रेत में खड़े है।
बिस्तर पे लगे थे उनके भी ज़ख्म भर गए,
जिनके सपने मेरे से दस साल बड़े है।
Enjoy Every Movement of life!
जमाना किस दिन मेरी बात सुनेगा।
मेरे सवाल कड़ी धूप की रेत में खड़े है।
बिस्तर पे लगे थे उनके भी ज़ख्म भर गए,
जिनके सपने मेरे से दस साल बड़े है।
Chehre di khamoshi te na ja sajjna
sawaah de thalle hamesha agg dabbi hundi e
ਚਿਹਰੇ ਦੀ ਖਾਮੋਸ਼ੀ ਤੇ ਨਾ ਜਾ ਸੱਜਣਾ
ਸਵਾਹ ਦੇ ਥੱਲੇ ਹਮੇਸ਼ਾ ਅੱਗ ਦਬੀ ਹੁੰਦੀ ਏ
