जमाना किस दिन मेरी बात सुनेगा।
मेरे सवाल कड़ी धूप की रेत में खड़े है।
बिस्तर पे लगे थे उनके भी ज़ख्म भर गए,
जिनके सपने मेरे से दस साल बड़े है।
Enjoy Every Movement of life!
जमाना किस दिन मेरी बात सुनेगा।
मेरे सवाल कड़ी धूप की रेत में खड़े है।
बिस्तर पे लगे थे उनके भी ज़ख्म भर गए,
जिनके सपने मेरे से दस साल बड़े है।
Har mohobbat nu manzil milni zaroori nahi,
Adhoore ishq da vi itehaas hai duniya te..
ਹਰ ਮੋਹੱਬਤ ਨੂੰ ਮੰਜਿਲ ਮਿਲਨੀ ਜਰੂਰੀ ਨਹੀਂ ,
ਅਧੂਰੇ ਇਸ਼ਕ ਦਾ ਵੀ ਇਤਿਹਾਸ ਹੈ ਦੁਨੀਆ ਤੇ।
