जमाना किस दिन मेरी बात सुनेगा।
मेरे सवाल कड़ी धूप की रेत में खड़े है।
बिस्तर पे लगे थे उनके भी ज़ख्म भर गए,
जिनके सपने मेरे से दस साल बड़े है।
Enjoy Every Movement of life!
जमाना किस दिन मेरी बात सुनेगा।
मेरे सवाल कड़ी धूप की रेत में खड़े है।
बिस्तर पे लगे थे उनके भी ज़ख्म भर गए,
जिनके सपने मेरे से दस साल बड़े है।

Khwahishon ka kaidi hu☺️
Mujhe haqeeqat saza deti hai🤪
Aasan cheezo ka shonk nhi👎
Mujhe mushqile mza deti hai 🔥🔥
ख्वाहिशों 😁 का कैदी हूं ☺️
मुझे 🤔हकीकत सजा😡 देती है🤪
आसान 🤪चीजों का 🤩शौक नहीं👎
मुझे 🤔मुश्किले मजा 👍देती हैं 🔥🔥🔥