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Zara nazar unse kya mili || hindi shayari || love shayari

mohobbat ho gyi, true love shayari

Us khuda ki is dil pe yun rehmat ho gyi..!!
Ha‎r khushi gm sehne k liye zindagi sehmat ho gyi..!!
Ankhein khuli rahi sari raat yun nind hamari kho gyi..!!
Zra nazar unse kya mili to mohobbat ho gyi..!!

उस खुदा की इस दिल पे यूँ रहमत हो गई..!!
हर खुशी ग़म सहने के लिए ज़िन्दगी सहमत हो गई.!!
आंखें खुली रही सारी रात यूँ नींद खो गयी हमारी खो गई..!!
ज़रा नज़र उनसे क्या मिली तो मोहोब्बत हो गई..!!

Title: Zara nazar unse kya mili || hindi shayari || love shayari

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


SOCHAAN KADE

Sochaan kade beh k rabbi je tu chahunda kade v oh mainu chhad ke naa jandA teriyaan taan tu hi jaane

Sochaan kade beh k
rabbi je tu chahunda
kade v oh mainu
chhad ke naa jandA
teriyaan taan tu hi jaane



Camel ki gardan || akbar birbal kahani

अकबर बीरबल की हाज़िर जवाबी के बडे कायल थे। एक दिन दरबार में खुश होकर उन्होंने बीरबल को कुछ पुरस्कार देने की घोषणा की। लेकिन बहुत दिन गुजरने के बाद भी बीरबल को पुरस्कार की प्राप्त नहीं हुई। बीरबल बडी ही उलझन में थे कि महाराज को याद दिलायें तो कैसे?

एक दिन महारजा अकबर यमुना नदी के किनारे शाम की सैर पर निकले। बीरबल उनके साथ था। अकबर ने वहाँ एक ऊँट को घुमते देखा। अकबर ने बीरबल से पूछा, “बीरबल बताओ, ऊँट की गर्दन मुडी क्यों होती है”?

बीरबल ने सोचा महाराज को उनका वादा याद दिलाने का यह सही समय है। उन्होंने जवाब दिया – “महाराज यह ऊँट किसी से वादा करके भूल गया है, जिसके कारण ऊँट की गर्दन मुड गयी है। महाराज, कहते हैं कि जो भी अपना वादा भूल जाता है तो भगवान उनकी गर्दन ऊँट की तरह मोड देता है। यह एक तरह की सजा है।”

तभी अकबर को ध्यान आता है कि वो भी तो बीरबल से किया अपना एक वादा भूल गये हैं। उन्होंने बीरबल से जल्दी से महल में चलने के लिये कहा। और महल में पहुँचते ही सबसे पहले बीरबल को पुरस्कार की धनराशी उसे सौंप दी, और बोले मेरी गर्दन तो ऊँट की तरह नहीं मुडेगी बीरबल। और यह कहकर अकबर अपनी हँसी नहीं रोक पाए।

और इस तरह बीरबल ने अपनी चतुराई से बिना माँगे अपना पुरस्कार राजा से प्राप्त किया।

Title: Camel ki gardan || akbar birbal kahani