Menu sirf zaroorta vele yaad na kareya kar,
Galatfehmi ho jandi e kite mein khuda taan nahi!
ਮੈਨੂੰ ਸਿਰਫ਼ ਜਰੂਰਤਾਂ ਵੇਲੇ ਯਾਦ ਨਾ ਕਰਿਆ ਕਰ,
ਗਲਤਫ਼ਹਿਮੀ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਐ ਕਿਤੇ ਮੈਂ ਖੁਦਾ ਤਾਂ ਨਹੀਂ!
Menu sirf zaroorta vele yaad na kareya kar,
Galatfehmi ho jandi e kite mein khuda taan nahi!
ਮੈਨੂੰ ਸਿਰਫ਼ ਜਰੂਰਤਾਂ ਵੇਲੇ ਯਾਦ ਨਾ ਕਰਿਆ ਕਰ,
ਗਲਤਫ਼ਹਿਮੀ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਐ ਕਿਤੇ ਮੈਂ ਖੁਦਾ ਤਾਂ ਨਹੀਂ!
“”Ishq Di Mere Mitraa.. Pehchaan ki…??
Mit Jaave Jadon Jid Apnan Di..””
एक रात जब दरवाजे पर दस्तक हुई, तो लगा कोई आया होगा..
आख़िर देर रात ये है कौन। कहीं कोई बुरी खबर तो ना लाया होगा..?
बिस्तर से उठा घबराहट के साथ, रात ताला भी तो लगाया होगा..
चाबी ना जाने कहां रख दी मैंने, ऐसा होगा, रात दिमाग में ना आया होगा..
चाबी लेकर दौड़ा दरवाजे की ओर, दरवाजा तो खोलू, शायद कोई घबराया होगा..
दरवाज़ा खोला कोई नहीं था, ये कोई मज़ाक का वक़्त है, जो दरवाज़ा खटखटाया
होगा..
ना जाने कौन था ये, जो इतनी रात गऐ मेरे दर पे आया होगा..?
पूरी रात निकल गई सोचने में, ये मेरा वहम था, या सच में कोई आया होगा..