
Zid hi fad lyi e akhiyan ne..!!

Ajh teri kal meri waari aa
keh gaye sach siyaane eh duniyadaari aa
jihde karmaa ch jo likhiyaa ant oh paa jaana
jad rabb di ho gai mehar waqt saadda v aa jaana
ਅੱਜ ਤੇਰੀ ਕੱਲ ਮੇਰੀ ਵਾਰੀ ਆ,,,
ਕਹਿ ਗਏ ਸੱਚ ਸਿਆਣੇ ਇਹ ਦੁਨੀਆਦਾਰੀ ਆ…
ਜਿਹਦੇ ਕਰਮਾਂ ‘ਚ ਜੋ ਲਿਖਿਆ ਅੰਤ ਉਹ ਪਾ ਜਾਣਾ,,,
ਜਦ ਰੱਬ ਦੀ ਹੋ ਗਈ ਮੇਹਰ ਵਕ਼ਤ ਸਾਡਾ ਵੀ ਆ ਜਾਣਾ.
जाने कहाँ बैठकर देखती होगी, वो आज जहां भी रहती है..
नाराज़ है वो किसी बात को लेकर, सपनों में आकर कहती है..
मैं याद नहीं करता अब उसको, चुप-चाप देखकर सहती है..
वो चली गई भले दुनिया से, मेरे ज़हन में अब भी रहती है..
उसे चाहता हूँ पहले की तरह, ये तो वो आज भी कहती है..
किसी और संग मुझे देख-ले गर जो, वो आज भी लड़ती रहती है..
ना वो भूली ना मैं भुला, भले भूल गई दुनिया कहती है..
रहती थी पहले भी पास मेरे, मेरे साथ आज भी रहती है..