बिन तेरे जिने मे क्या राखा है ,
अब खोने को कुछ बाकि नही राखा है !
जिंदा हु सिर्फ तुझे पाने के लिऐ ,
वरना जहर पीने मे क्या राखा है !
😊
बिन तेरे जिने मे क्या राखा है ,
अब खोने को कुछ बाकि नही राखा है !
जिंदा हु सिर्फ तुझे पाने के लिऐ ,
वरना जहर पीने मे क्या राखा है !
😊
उसकी वो मासूम सी आंखें, कभी-कभी मुझे झूठी सी लगती हैं..
उसकी वो सोच कर बनाई हुई बातें, अक्सर मुझे टूटी सी लगती हैं..
कभी मेरी नाराज़गी पर मुस्कुराती है, कभी प्यार पर रूठी सी लगती है..
कभी उसकी मामूली से हरकत भी मुझे, अनूठी सी लगती है..
कभी उसकी झुकी पलकों में इश्क होता है, कभी उठी सी लगती हैं..
उसके प्यार पर शक नहीं मुझे, फिर भी ना जाने क्यूं, झूठी सी लगती है..
heart rated 💔
shayari:
jehra v bacheyaa e saah hun mera
door jande jande tere naam kar jaana e sajjna
vakh ho k saddhe ton tainu farak ni paina
te asin ro ro k mar jaana e sajjhna