बिन तेरे जिने मे क्या राखा है ,
अब खोने को कुछ बाकि नही राखा है !
जिंदा हु सिर्फ तुझे पाने के लिऐ ,
वरना जहर पीने मे क्या राखा है !
😊
Enjoy Every Movement of life!
बिन तेरे जिने मे क्या राखा है ,
अब खोने को कुछ बाकि नही राखा है !
जिंदा हु सिर्फ तुझे पाने के लिऐ ,
वरना जहर पीने मे क्या राखा है !
😊
अब कोई भी शायरी तुझे तड़पाती होगी !
सच बता मेरी याद तो आती होगी ?
मौसम की हर बहारों से मांगा था !
मैंने तुझको टूटते तारों से मांगा था |
जुदा होके तू शायद ही जी पाती होगी !
सच बता मेरी याद तो आती होगी ?
ख़ैर अब मैं भी तुझे भूल रहा हूं !
गलतियां सारी कबूल रहा हूं |
मेरी तस्वीरें तुझे बड़ा सताती होगी !
सच बता मेरी याद तो आती होगी ?
