zindagee ne aaj kah diya hai mujhe,
kisee aur se pyaar hai,
meree maut se poochho,
ab use kis baat ka intazaar hai…
ज़िन्दगी ने आज कह दिया है मुझे,
किसी और से प्यार है,
मेरी मौत से पूछो,
अब उसे किस बात का इंतज़ार है…
zindagee ne aaj kah diya hai mujhe,
kisee aur se pyaar hai,
meree maut se poochho,
ab use kis baat ka intazaar hai…
ज़िन्दगी ने आज कह दिया है मुझे,
किसी और से प्यार है,
मेरी मौत से पूछो,
अब उसे किस बात का इंतज़ार है…
रात को रात, सुबह को सुबह लिखते हो
अच्छे को अच्छा बुरे को,बुरा लिखते हो
तुम्हें तो आदत है,दर्द को दर्द लिखने की
मतलब हम से बिल्कुल,जुदा लिखते हो
खुदा को तो, कभी लिखा ही नहीं तुमने
पत्थर को बना के मूरत,खुदा लिखते हो
तुम तो दुश्मनी में भी, करते हो व्यापार
बनकर हक़िम,ज़हर की दवा लिखते हो
बो तो लिख देता है,बेवफ़ाई को मज़बूरी
भैरव क्यूं बेवफ़ा को, बेवफ़ा लिखते हो
Ab fark nhi padta kon sath hai or kon nhi hai
Kyunki mene zindagi mein unhe bhi khoya hai
jinhe main apni zindagi mana krta tha