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ZINDAGI BARBAAD NA KAR | Sach da raah status

Aive gairaan piche bhajh, na eh zindagi barbaad kar
bandeyaa, tu apne andron apne aap di talaash kar

ਐਂਵੇਂ ਗੈਰਾਂ ਪਿੱਛੇ ਭੱਜ
ਨਾ ਇਹ ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਬਰਬਾਦ ਕਰ
ਬੰਦਿਆ, ਤੂੰ ਆਪਣੇ ਅੰਦਰੋਂ ਆਪਣੇ ਆਪ ਦੀ ਤਲਾਸ਼ ਕਰ

Title: ZINDAGI BARBAAD NA KAR | Sach da raah status

Tags:

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


Tamashe || zindagi shayari

Shadd Dila Es Duniadari nu 
Lokki vekhde Khadd Tamashe 
Pith Piche Bhajounde Taddi Ne 

Jimmy✍🏻

 

Shadd Dila Es Duniadari nu 
Lokki vekhde Khadd Tamashe 
Pith Piche Bhajounde Taddi Ne 
Shadd Dila Es Duniadari nu 
Lokki vekhde Khadd Tamashe 
Pith Piche Bhajounde Taddi Ne 

Title: Tamashe || zindagi shayari


याद है ना तुम्हें || hindi poetry

याद है ना तुम्हें..
पहली दफा,
जब कलम मेरी बोली थी
तुम पर शब्दों की कुछ लड़ियां
मैंने पिरोई थी।

तुम्हारे गुजरे पलों में बेशक मैं नहीं थी
तुम्हारे संग भविष्य की अपेक्षा भी नहीं थी
हां,वर्तमान के कुछ चंद क्षण
साझा करने की ख्वाहिश जरुर थी।

याद है ना तुम्हें..
पहली दफा,
जब कलम मेरी बोली थी
तुम पर शब्दों की कुछ लड़ियां
मैंने पिरोई थी।

देखो, आज फिर उंगलियों ने मेरी
कलम उठाई है
कुछ अनसुनी भावनाओं को संग अपने
समेट लाई है
माना ,मेरे शब्दों ने आहत किया तुम्हें
लेकिन क्या,असल भाव को पहचाना तुमने?

याद है ना तुम्हें..
पहली दफा,
जब कलम मेरी बोली थी
तुम पर शब्दों की कुछ लड़ियां
मैंने पिरोई थी।

उलझ गए तुम निरर्थक शब्दों में
पढ़ा नहीं जो लिखा है कोमल हृदय में
चल दिए छोड़ उसे, तुम अपनी अना में
बंधे थे हम तुम, जिस अनदेखे रिश्ते की डोर में

याद है ना तुम्हें..
पहली दफा,
जब कलम मेरी बोली थी
तुम पर शब्दों की कुछ लड़ियां
मैंने पिरोई थी।

बीत गए कई बारिश के मौसम
क्या धुले नहीं, जमे धूल मन के?
है अर्जी मेरी चले आओ तुम
मेरे भीतर के तम को रोशनी दिखाओ तुम..

याद है ना तुम्हें..
पहली दफा,
जब कलम मेरी बोली थी
तुम पर शब्दों की कुछ लड़ियां
मैंने पिरोई थी।

Title: याद है ना तुम्हें || hindi poetry