
Fizool nahi zindagi to shabab si van gayi hai..!!
Enjoy Every Movement of life!

है वो मेरी मोहब्बत की रूह, इसलिए पास मेरे वो रहती है..
मुझे पागल समझेगी ये दुनिया, तभी वो कुछ ना कहती है..
सुबह उठे साथ में वो मेरे, शाम आंखों के साथ वो ढलती है..
वो जी ना सकी जो साथ मेरे, तो मरके साथ में चलती है..
राहें तो बदल गयीं उसकी मगर, राहौं से मुडी वो रहती है..
मेरी रूह से जुडना है हक उसका, तभी साथ जुडी वो रहती है..
हर खुशी बांटती है मेरी, हर गम मेरे संग सहती है..
मुझे वो लगती है अपनी, और मुझे वो अपना कहती है….
