Enjoy Every Movement of life!
सरगोशियां हवाओ की सुनी जो कानो ने।
गुफ्तगू तेरी सुनी थी खामोश अफसानो ने।
मुस्कराना तेरा तो,एक दिलनशीं अदा थी।
ज़रा सुन भी लेते कहा क्या है ,दीवानो ने।
वो लचक जाना ,तेरी कमर का चलते चलते।
खुली लूट मची थी मनचलों के ख़जानो मे..
मूक प्राणियों पर हमको तो,
तरस बहुत ही आता है।
इनकी देख दुर्दशा अपना,
सीना फटता जाता है।।
वन्य जीव जितने भी हैं,
सबका अस्तित्व बचाना है,
जंगल के जीवों के ऊपर,
दया हमें दिखलाना है।
वृक्ष अमूल्य धरोहर हैं,
इनकी रक्षा करना होगा।
जीवन जीने की खातिर,
वन को जीवित रखना होगा।
तनिक-क्षणिक लालच को,
अपने मन से दूर भगाना है।
धरती का सौन्दर्य धरा पर,
हमको वापिस लाना है।।
