Zindagi de panneya nu dhiyan naal padh ke samjhi..
Kahli vich padh ke aksar nasamjhiyan hundiya ne..
ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਦੇ ਪੰਨਿਆਂ ਨੂੰ ਧਿਆਨ ਨਾਲ ਪੜ੍ਹ ਕੇ ਸਮਝੀ..
ਕਾਹਲੀ ਵਿਚ ਪੜ੍ਹ ਕੇ ਅਕਸਰ ਨਾਸਮਝੀਆਂ ਹੁੰਦੀਆਂ ਨੇ
Zindagi de panneya nu dhiyan naal padh ke samjhi..
Kahli vich padh ke aksar nasamjhiyan hundiya ne..
ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਦੇ ਪੰਨਿਆਂ ਨੂੰ ਧਿਆਨ ਨਾਲ ਪੜ੍ਹ ਕੇ ਸਮਝੀ..
ਕਾਹਲੀ ਵਿਚ ਪੜ੍ਹ ਕੇ ਅਕਸਰ ਨਾਸਮਝੀਆਂ ਹੁੰਦੀਆਂ ਨੇ
अब कोई भी शायरी तुझे तड़पाती होगी !
सच बता मेरी याद तो आती होगी ?
मौसम की हर बहारों से मांगा था !
मैंने तुझको टूटते तारों से मांगा था |
जुदा होके तू शायद ही जी पाती होगी !
सच बता मेरी याद तो आती होगी ?
ख़ैर अब मैं भी तुझे भूल रहा हूं !
गलतियां सारी कबूल रहा हूं |
मेरी तस्वीरें तुझे बड़ा सताती होगी !
सच बता मेरी याद तो आती होगी ?
हालातों से टकराकर हमने, खुद को मजबूत बनाया है..
तभी तो हर दर्द से लड़ने का, हुनर हम में आया है..
पहले डरा करते थे दर्द से हम, अब दर्द को हमने डराया है..
पहले रहता था, ताव में वो, अब जाकर घुटनों पे आया है..
अब नहीं सताता वो हमको, हमने खुदको इतना सताया है..
हम पत्थर बनकर बैठे गए, पत्थरों से कौन लड पाया है….