Uski khoobsurti ke charche aur kaha takk honge,
Vo angdhai le to tare bhi zameen par aane ko raazi hote hain…🍂
उसकी खूबसूरती के चर्चे और कहां तक होंगे,
वो अंगड़ाई ले तो तारे भी जमीं पर आने को राज़ी होते हैं…🍂
हर वक्त एक अंजान साया सा, मेरे पास घूमता रहता है..
मेरे दिल से जुडा है वो शायद, मेरी रूह चूमता रहता है..
बताता नहीं है मुझको कुछ, और ना मुझसे कुछ कहता है..
मेरी मर्जी हो या ना हो मगर, शागिर्द बना वो रहता है..
दिन और रात वो बस मेरे, आगोश में पलता रहता है..
मैं चाहुं या फिर ना चाहुं, मेरे साथ वो चलता रहता है..
हर खुशी बांटता है मेरी, हर गम मेरे संग सेहता है..
आखिर साया है ये किसका, ये सवाल जहन में रहता है..