Har zindagi ke akhir mein yahi mukam aaya hai,
Shaakh se toot kar patta bikharne ke kaam aaya hai🙃
हर ज़िन्दगी के आखिर में यही मुक़ाम आया है,
शाख से टूटकर पत्ता बिखरने के काम आया है🙃
Har zindagi ke akhir mein yahi mukam aaya hai,
Shaakh se toot kar patta bikharne ke kaam aaya hai🙃
हर ज़िन्दगी के आखिर में यही मुक़ाम आया है,
शाख से टूटकर पत्ता बिखरने के काम आया है🙃
बंदिशों से अब कैसे खुदकी करूं हिफाज़त मैं,
सवेरे से है मोहब्बत पर, अंधेरों में रहने कि आदत है…
आफ़त है कि चिराग़ का इल्म कैसे होगा,
पता नहीं जब सवेरा होगा तो क्या होगा…
क्या होगा जो खुदसे कर लूं बगावत मै,
जीत लूं खुदको अगर हार जाऊं तो आफ़त है…
हारने का शोंक नहीं लड़ना अब रास नहीं आता,
सब कहते है मुझे तू हरकतों से बाज़ नहीं आता…
देखो, हरकतों में भी मेरी तहज़ीब और शराफत है,
जीत लेंगे दुनिया भी अगर रब की इजाज़त है… 🙃
In this world when everyone says
“Dost dost na rha”
You made me believe
” Tere jaisa yaar khaan “💙