जिंदगी के सफर में हर शख्स अपना सा मालूम होता है
जब तलक किसी से कोई उम्मीद की डोर ना बांधी जाए..
Izzat aksar marn to baad mildi aa,
Nahi taa jionde jee taan lok mooh nhi launde 💔☺️
ਇੱਜ਼ਤ ਅਕਸਰ ਮਰਨ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਮਿਲਦੀ ਆ,
ਨਹੀਂ ਤਾਂ ਜਿਓਦੇ ਜੀਅ ਤਾਂ ਲੋਕ ਮੂੰਹ ਨੀ ਲਾਉਂਦੇ।।💔☺️
नफ़रत का भाव ज्यों ज्यों खोता चला गया, मैं रफ्ता रफ्ता आदमी होता चला गया। फिर हो गया प्यार की गंगा से तर बतर, गुजरा जिधर से सबको भिगोता चला गया। सोचा हमेशा मुझसे किसी का बुरा न हो, नेकी हुई तो दरिया में डुबोता चला गया। कटुता की सुई लेके खड़े थे जो मेरे मीत, सद्भावना के फूल पिरोता चला गया। जितना सुना था उतना जमाना बुरा नहीं, विश्वास अपने आप पर होता चला गया। अपने से ही बनती है बिगड़ती है ये दुनियां, मैं अपने मन के मैल को धोता चला गया। उपजाऊ दिल है बेहद मेरे शहर के लोग, हर दिल में बीज प्यार का बोता चला गया।...