जिंदगी के सफर में हर शख्स अपना सा मालूम होता है
जब तलक किसी से कोई उम्मीद की डोर ना बांधी जाए..
तू क्यूं उसे इस क़दर तांक रहा है,
हां वही फकीर, जो वहां नाच रहा है…
मुस्कुरा रहा है तू उसकी फटी कमीज़ देखकर,
देख, वो भी हंस रहा है तेरी तमीज़ देखकर…
सोच मत, के उसकी किस्मत तुझसे हारी है,
उसकी खाली जेब तेरे पैसों से ज्यादा भारी है…
वो तो हर घर दुआएं बांटता है,
जैसे हर दर खुदाए बांटता है…
मखमल का बिछौना तुझे रास नहीं आता,
देख, वो घास में सोने से बाज़ नहीं आता…
छुपाता है तू असलियत झूठी मुस्कान के पीछे,
कितना सुकून है उसकी हर मुस्कान के पीछे…
ਉਹ ਦੇਵੇ ਮੈਨੂੰ ਧੌਖਾ ਓਹਨੂੰ ਲਗਦਾ ਮੈਨੂੰ ਭਮਕ ਨੀ, ਉਹ ਦੇਵੇ ਮੈਨੂੰ ਝੁਠੇ ਦਿਲਾਸੇ ਓਹਨੂੰ ਲਗਦਾ ਮੈਨੂੰ ਕੁੱਝ ਸਮਜ਼ ਨੀ
ਸੱਜਣਾ ਸਿੱਧੀ ਆਹ ਸਿਧਰੀ ਨੀ….😊