जिंदगी के सफर में हर शख्स अपना सा मालूम होता है
जब तलक किसी से कोई उम्मीद की डोर ना बांधी जाए..
Enjoy Every Movement of life!
जिंदगी के सफर में हर शख्स अपना सा मालूम होता है
जब तलक किसी से कोई उम्मीद की डोर ना बांधी जाए..
बिछड़ के मुझसे, इन गलियों में कितनी दूर जाओगे...
परवानों की बस्ती है, जहां जाओगे मुझे हर जगह पाओगे...
गुज़रा पल, मीठी बातें और वो हसीन शामें सब बुलाते हैं तुम्हे...
इक झूठ ही सही बस कहदो के तुम कल आओगे,
इंतज़ार करना पसंद नहीं पर, मेरी नज़रें राहों पर टिकी हैं...
पता है मुझे रास्ता बदल गया तुम्हारा लेकिन, दिलासा दिए बैठा हूं के तुम कल आओगे...
