जिंदगी के सफर में हर शख्स अपना सा मालूम होता है
जब तलक किसी से कोई उम्मीद की डोर ना बांधी जाए..
Enjoy Every Movement of life!
जिंदगी के सफर में हर शख्स अपना सा मालूम होता है
जब तलक किसी से कोई उम्मीद की डोर ना बांधी जाए..

मैं बात कर के बात, बढ़ा रहा हूं
फोन से कुछ तस्वीरें,हटा रहा हूं
तेरा नाम याद रख सकूं,इसलिए
तेरे नाम के पासवर्ड लगा रहा हूं
मेरे बाद,है तेरा कोई एक रफ़िक
तुझसे पूछ नहीं रहा,बता रहा हूं
मेरी बात पर, यकीन नहीं है इसे
सोए एक शख्स को,जगा रहा हूं