जिंदगी के सफर में हर शख्स अपना सा मालूम होता है
जब तलक किसी से कोई उम्मीद की डोर ना बांधी जाए..
Enjoy Every Movement of life!
जिंदगी के सफर में हर शख्स अपना सा मालूम होता है
जब तलक किसी से कोई उम्मीद की डोर ना बांधी जाए..
apni sakhshiyat baare khud raye banao te apne parshanshak khud bano
kyuki tusi hi apne baare jande ho
baki sirf andaaze hi lgaa sakde ho
ਆਪਣੀ ਸਖਸ਼ੀਅਤ ਬਾਰੇ ਖੁਦ ਰਾਇ ਬਣਾਉ ਤੇ ਆਪਣੇ ਪ੍ਰਸ਼ੰਸਕ ਖੁਦ ਬਣੋ,
ਕਿਉਂਕਿ ਤੁਸੀਂ ਹੀ ਆਪਣੇ ਬਾਰੇ ਜਾਣਦੇ ਹੋ
ਬਾਕੀ ਸਿਰਫ ਅੰਦਾਜ਼ੇ ਹੀ ਲਗਾ ਸਕਦੇ ਹਨ।
ਹਰਸ✍️
मां की कहानी थी परीयों का फसाना था, …
गाँव के हर कोने मे अपना ठिकाना था |
वो तो उम्रो ने छीन लिया चेहरे की मुस्कुराहट
वरना वो बचपन कितना सुहाना था |