जिंदगी के सफर में हर शख्स अपना सा मालूम होता है
जब तलक किसी से कोई उम्मीद की डोर ना बांधी जाए..
Enjoy Every Movement of life!
जिंदगी के सफर में हर शख्स अपना सा मालूम होता है
जब तलक किसी से कोई उम्मीद की डोर ना बांधी जाए..
वो खुशनसीब कौन है,
जिसका तुमने दीदार किया,
मैं तो मिट्टी हो चला हूं इस मिट्टी में,
तुम्हारे साएं का पीछा करते करते... Woh khushnaseeb kon hai jiska tumne deedar kiya
me to mitti ho chala hu is mitti me
tumahre saaye ka peesha karte karte
Khabar khabar ki aas mein wo bekhabar nikal gaye ,
Ummed na thi phir bhi Jane kiyo woh badal gaye…..!!!
खबर खबर की आस में वो बेखबर निकल गए
उम्मीद न थी फिर भी जाने क्यों वो बदल गए…..!!!