जिंदगी के सफर में हर शख्स अपना सा मालूम होता है
जब तलक किसी से कोई उम्मीद की डोर ना बांधी जाए..
Enjoy Every Movement of life!
जिंदगी के सफर में हर शख्स अपना सा मालूम होता है
जब तलक किसी से कोई उम्मीद की डोर ना बांधी जाए..

Beshak me peenda aa bhawe e bhaerri sharaab
par teriyaan yaadan nu mitaon lai nahi
uhnu nu hor nikharan lai
तमन्ना है नासमझ रहकर जीने की ज़िंदगी है कि समझदार बनाए जा रही है 