जिंदगी के सफर में हर शख्स अपना सा मालूम होता है
जब तलक किसी से कोई उम्मीद की डोर ना बांधी जाए..
Enjoy Every Movement of life!
जिंदगी के सफर में हर शख्स अपना सा मालूम होता है
जब तलक किसी से कोई उम्मीद की डोर ना बांधी जाए..
mai usako chaand kah doo ye mumakin to hai,
magar… log use raat bhar dekhen ye mujhe gavaara nahin…
मै उसको चाँद कह दू ये मुमकिन तो है,
मगर… लोग उसे रात भर देखें ये मुझे गवारा नहीं…
