जिंदगी के सफर में हर शख्स अपना सा मालूम होता है
जब तलक किसी से कोई उम्मीद की डोर ना बांधी जाए..
Enjoy Every Movement of life!
जिंदगी के सफर में हर शख्स अपना सा मालूम होता है
जब तलक किसी से कोई उम्मीद की डोर ना बांधी जाए..
Hum samandar hain humein khamosh rehne do
Zra machal gye to shehar le doobenge 🫠
हम समंदर है हमें खामोश रहने दो
जरा मचल गए तो शहर ले डूबेंगे🫠
