जिंदगी में आये हो तो उलझना भी पड़ेगा।
रिस्तो की गांठे कभी खोल कर तो ।
तो कभी जोड़ कर उसको निभाना भी पड़ेगा।
मौत आने से पहले जिंदगी खुल कर जी लो।
नही तो अफसोस के साथ उलझने भी मिटाना होगा और खुद भी मिटना होगा!!💐
जिंदगी में आये हो तो उलझना भी पड़ेगा।
रिस्तो की गांठे कभी खोल कर तो ।
तो कभी जोड़ कर उसको निभाना भी पड़ेगा।
मौत आने से पहले जिंदगी खुल कर जी लो।
नही तो अफसोस के साथ उलझने भी मिटाना होगा और खुद भी मिटना होगा!!💐
उल्टे सीधे सपने पाले बैठे हैं
सब पानी में काँटा डाले बैठे हैं
इक बीमार वसीयत करने वाला है
रिश्ते नाते जीभ निकाल बैठे हैं
बस्ती का मामूल पे आना मुश्किल है
चौराहे पर वर्दी वाले बैठे हैं
धागे पर लटकी है इज़्ज़त लोगों की
सब अपनी दस्तार सँभाले बैठे हैं
साहब-ज़ादा पिछली रात से ग़ायब है
घर के अंदर रिश्ते वाले बैठे हैं
आज शिकारी की झोली भर जाएगी
आज परिंदे गर्दन डाले बैठे हैं
ਲੱਗਦੀ ਏ ਪਿਆਰੀ
ਜਦੋਂ ਖਿੜ-ਖਿੜ ਹੱਸਦੀ ਏ
ਤੇਰੇ ਦਿਲ ਦਾ ਪਤਾ ਨੀ
ਮੇਰੇ ਦਿਲ ਚ ਤੂੰ ਵੱਸਦੀ ਏ..❤️🥀
Lagdi ae pyaari
Jdo khid khid hasdi ae
Tere dill da pata ni
Mere dill ch tu wasdi ae…❤️🥀