जिंदगी में आये हो तो उलझना भी पड़ेगा।
रिस्तो की गांठे कभी खोल कर तो ।
तो कभी जोड़ कर उसको निभाना भी पड़ेगा।
मौत आने से पहले जिंदगी खुल कर जी लो।
नही तो अफसोस के साथ उलझने भी मिटाना होगा और खुद भी मिटना होगा!!💐
जिंदगी में आये हो तो उलझना भी पड़ेगा।
रिस्तो की गांठे कभी खोल कर तो ।
तो कभी जोड़ कर उसको निभाना भी पड़ेगा।
मौत आने से पहले जिंदगी खुल कर जी लो।
नही तो अफसोस के साथ उलझने भी मिटाना होगा और खुद भी मिटना होगा!!💐
ISHQ WALA LOVE SONG || Whatsapp Video Status 2 in 1 || female voice shayari
Tuje pyar hai hmse j jante h hm
Byan na kr payoge j b mante h hm
Ankhein apki sb Byan kr deti hai hzur
Ankhon se ki batein khoob pehchante h hm
Suno ab tum haal hmare dil ka
J dil b tere khyalon m hi khone lga hai..
Tuje b h pr fr b muje Jada hai..
Pyar se b Jada pyar tujse hone lga h..
Pyar hme b beshumar h..pyar tume b shiddt se hai
Frk sirf itna hai..tuje aaj abi abi hua hmse..
Hmein hua tujse kai muddat se h..!!
अकबर बीरबल की हाज़िर जवाबी के बडे कायल थे। एक दिन दरबार में खुश होकर उन्होंने बीरबल को कुछ पुरस्कार देने की घोषणा की। लेकिन बहुत दिन गुजरने के बाद भी बीरबल को पुरस्कार की प्राप्त नहीं हुई। बीरबल बडी ही उलझन में थे कि महाराज को याद दिलायें तो कैसे?
एक दिन महारजा अकबर यमुना नदी के किनारे शाम की सैर पर निकले। बीरबल उनके साथ था। अकबर ने वहाँ एक ऊँट को घुमते देखा। अकबर ने बीरबल से पूछा, “बीरबल बताओ, ऊँट की गर्दन मुडी क्यों होती है”?
बीरबल ने सोचा महाराज को उनका वादा याद दिलाने का यह सही समय है। उन्होंने जवाब दिया – “महाराज यह ऊँट किसी से वादा करके भूल गया है, जिसके कारण ऊँट की गर्दन मुड गयी है। महाराज, कहते हैं कि जो भी अपना वादा भूल जाता है तो भगवान उनकी गर्दन ऊँट की तरह मोड देता है। यह एक तरह की सजा है।”
तभी अकबर को ध्यान आता है कि वो भी तो बीरबल से किया अपना एक वादा भूल गये हैं। उन्होंने बीरबल से जल्दी से महल में चलने के लिये कहा। और महल में पहुँचते ही सबसे पहले बीरबल को पुरस्कार की धनराशी उसे सौंप दी, और बोले मेरी गर्दन तो ऊँट की तरह नहीं मुडेगी बीरबल। और यह कहकर अकबर अपनी हँसी नहीं रोक पाए।
और इस तरह बीरबल ने अपनी चतुराई से बिना माँगे अपना पुरस्कार राजा से प्राप्त किया।