जिंदगी में आये हो तो उलझना भी पड़ेगा।
रिस्तो की गांठे कभी खोल कर तो ।
तो कभी जोड़ कर उसको निभाना भी पड़ेगा।
मौत आने से पहले जिंदगी खुल कर जी लो।
नही तो अफसोस के साथ उलझने भी मिटाना होगा और खुद भी मिटना होगा!!💐
Enjoy Every Movement of life!
जिंदगी में आये हो तो उलझना भी पड़ेगा।
रिस्तो की गांठे कभी खोल कर तो ।
तो कभी जोड़ कर उसको निभाना भी पड़ेगा।
मौत आने से पहले जिंदगी खुल कर जी लो।
नही तो अफसोस के साथ उलझने भी मिटाना होगा और खुद भी मिटना होगा!!💐
Ham toh nadaan parinde he sahib
aasmaan me udhna jante hai
pyar, ishq se vaasta nahi hamaara
inhe toh fakat aansuaan ka sailaab maante hai
हम तो नादान परिन्दे हैं साहेब,
आसमान में उडना जानते हैं,
प्यार, इश्क से वास्ता नहीं हमारा,
इन्हे तो फकत् आँसुओं का सैलाब मानते हैं।
– विक्रम
