मैं ना जानू दोस्त तेरे दूर हो जाने के बाद,
यह जिंदगी कैसे जंग बन गई है।
मैं ना जानू दोस्त तेरे जाने के बाद,
यह गांव की गलियां कैसे सुनी हो गई है।
मैंने जानू दोस्त तेरे जाने के बाद,
वो खेल का मैदान अब सुना लगता है।
मैं ना जानू दोस्त तेरे जाने के बाद,
कैसे फूल जैसी जिंदगी पत्थर बन गई है।
खुद को मनाने की कोशिश करता हूं बहुत,
लेकिन क्या करूं दिल है कि मानता ही नहीं।
मैं ना जानू दोस्त तेरी दूर हो जाने के बाद,
मेरे चेहरे की हंसी कहां गुम हो गई।
मैं ना जानू दोस्त तेरे जाने के बाद,
बाजारों की रौनक भी फीकी लगती है।
तू कब आएगा मेरे भाई मेरे दोस्त,
तेरे को हर दिन गले लगाने का मन करता है।
Dujeya de tajarbe to vi kujh sikhna painda jnab
Zindagi choti pai jandi aa khud sabak sikhde sikhde🌼
ਦੂਜਿਆਂ ਦੇ ਤਜ਼ਰਬੇ ਤੋਂ ਵੀ ਕੁੱਝ ਸਿੱਖਣਾ ਪੈਂਦਾ ਜਨਾਬ ਜਿੰਦਗੀ ਛੋਟੀ ਪੈ ਜਾਂਦੀ ਆ ਖੁਦ ਸਬਕ ਸਿੱਖਦੇ-ਸਿੱਖਦੇ 🌼