Enjoy Every Movement of life!
Mein ishq kita fir bheekh kahdi
Mein shadd ditta fir udeek kahdi
ਮੈਂ ਇਸ਼ਕ਼ ਕੀਤਾ ਫਿਰ ਭੀਖ ਕਾਹਦੀ
ਮੈਂ ਛੱਡ ਦਿੱਤਾ ਫਿਰ ਉਡੀਕ ਕਾਹਦੀ
वो भी हमको मिल गया है क्या सितम है,
ग़म ही ग़म है क्या ही क्या है क्या सितम है।
देख ले इक मर्तबा तेरी तरफ़ जो,
रात दिन मांगे दुआ है क्या सितम है।
ज़िंदगी मेरी कहीं बस बीत जाए
बे वफ़ा तो हो गया है क्या सितम है।
इश्क़ तेरा अब जहर सा हो गया है,
वो जहर ही अब दवा है क्या सितम है।
आज कल घर से निकलते ही नहीं हो,
यार तुमको क्या हुआ है क्या सितम है।
