
assi change hunde ta saanu
apne hi kyu shadd de?

Chahundi je oh asin fir mil sakde c
tutte supne fir bun sakde c
chahundi je oh
ਚਾਹੁੰਦੀ ਜੇ ਉਹ ਅਸੀਂ ਫਿਰ ਮਿਲ ਸਕਦੇ ਸੀ
ਟੁੱਟੇ ਸੁਪਣੇ ਫਿਰ ਬੁਣ ਸਕਦੇ ਸੀ
ਚਾਹੁੰਦੀ ਜੇ ਉਹ
चाल अभी धीमी है,
पर कदम जाएंगे मंजिल तक जरूर।
हालात अभी उलझे हैं,
पर बदलेंगे मौसम,बिखरेगा हरसू नूर।
हौसलों की कमी नहीं,
क़्त भले ना हो ज्यादा।
शह मात की खेल है जिंदगी,
मंजिल को पाने की, हम रखते हैं माआदा।
पलकें मूंद जाती हैं झंझावतों से,
रास्ते छुप जाते हैं काले बदली की छाँव में।
गुजरना ही होगा अंधियारे सूने गलियारों से,
आशियाना हो चाहे गांव या शहर में।
लक्ष्य जो बुन लिया है विश्वास के तागों से,
अब रुकना नहीं, न झुकना कहीं तुम सफर में ।
डगर ने चुन लिया है तुम्हें साहस के पदचिन्हों से,
धैर्य,सहनशीलता और जीत, होंगे सहचर तुम्हारे सहर में।।
तरुण चौधरी